कोहली का मेलबर्न में चक्रव्यूह तोड़ पाएगा ऑस्ट्रेलिया

0
102

भारत ने एडिलेड में खेले गए दूसरे एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में मेज़बान ऑस्ट्रेलिया को छह विकेट से हराकर तीन मैचों की सिरीज़ में 1-1 की बराबरी हासिल की.

इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी में खेले गए पहले मैच में भारत को 34 रन से हराया था.

ऐसे में शुक्रवार को मेलबर्न में होने वाला तीसरा और आखिरी मैच के बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है.

सबसे बड़ी बात एडिलेड में कप्तान विराट कोहली के बल्ले से निकले 104 रनों ने अपनी अहम भूमिका निभाई.

यह एक दिवसीय क्रिकेट में उनका 39वां शतक था. पहले मैच में उनके बल्ले से केवल तीन रन निकले थे.
इतना ही नही सिडनी में महेंद्र सिंह धोनी भी 96 गेंदों पर 51 रन बनाकर जैसे आलोचको को अपने ऊपर उठते सवालों को बड़ा करने का मौक़ा दे दिया. लेकिन उसके बाद दूसरे मैच में 54 गेंदों पर नाबाद 55 रन बनाकर सवालों का जवाब भी दे दिया.

इसके बावजूद मेलबर्न में एक बार उनके लिए परीक्षा की घड़ी है, क्योंकि धोनी के इर्द-गिर्द ही मध्यमक्रम घूमता है. धोनी जब तक खेलेंगे सवाल और जवाब उन्हें ही देने पडेंगे.

दूसरे मैच में विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी के अलावा दिनेश कार्तिक ने जिस अंदाज़ में महज़ 14 गेंदों पर धुआंधार 25 रन बनाए.

वही आखिर में मैच का टर्निग पोंइट भी साबित हुए.

भारत को जीत के लिए कितना जूझना पड़ा इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि अंतिम ओवर में भी भारत को जीत के लिए सात रनों की ज़रूरत थी.

ऐसे में धोनी ने आखिरी ओवर की पहली गेंद पर छक्का लगाकर सस्पेंस समाप्त किया.

उनकी पारी को बेहद परिपक्व माना जा रहा है और ख़ुद कप्तान विराट कोहली ने कहा कि धोनी ने उन्हें भी समझाया कि संभलकर खेलो.

लेकिन, चारों तरफ इस बात की भी चर्चा है कि धोनी को अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए.

अगर शुरू में वह धीमा खेले और बाद में तेज़ गति से खेलने की कोशिश में आउट हो जाए तो फिर पुछल्ले बल्लेबाज़ो के लिए सात-आठ रन प्रति ओवर बनाना आसान नही है.

सलामी जोड़ी शिखर धवन और रोहित शर्मा को भी मेलबर्न में शानदार शुरूआत देनी होगी.

पिछले मैच में शिखर धवन ने जिस तेज़ी से 28 गेंदों पर 32 और रोहित शर्मा ने 52 गेंदों पर 43 रन बनाए उससे भारत पूरे मैच में बना रहा.

इसके बाद कप्तान कोहली और धोनी को बहुत तेज़ी से खेलने की ज़रूरत नही पड़ी.

लेकिन, ऑस्ट्रेलिया में दो मैच के बाद भारत की गेंदबाज़ी की कलई भी खुल गई है.

टेस्ट क्रिकेट में बेहद ख़तरनाक दिखने वाले भारतीय गेंदबाज़ जैसे अपनी लय ही खो चुके है.

जसप्रीत बुमराह के टीम में ना रहने से संतुलन जैसे बिगड़ गया है.

कुलदीप यादव जो रहस्यमयी स्पिनर माने जा रहे थे उन्होंने पिछले मैच में 66 रन दिए, लेकिन उनकी झोली में एक भी विकेट नहीं आया.

रविंद्र जडेजा भी किफायती तो लगे लेकिन विकेट लेने वाले नही.

तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज तो अपने पहले ही एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय मैच में बिना कोई विकेट लिए 76 रन दे बैठे.

उनसे पहले भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ करसन घावरी ने साल 1975 में इंग्लैंड के ख़िलाफ अपने पहले ही एकदिवसीय मैच में 11 ओवर में 83 रन दिए थे.

ऐसे में मेलबर्न में भारतीय गेंदबाज़ो को भी संभलकर गेंदबाज़ी करनी होगी.

हो सकता है कप्तान विराट कोहली गेंदबाज़ी में परिवर्तन करें.

जहां तक ऑस्ट्रेलियाई टीम का सवाल है तो उसके कप्तान एरोन फिंच तो खुश ही होंगे.

उनके गेंदबाज़ों ने पहला मैच जिताया तो दूसरे मैच को भी अंतिम ओवर तक पहुंचाया.

ऐसा करना उनके लिए कतई आसान नहीं था क्योंकि कागज पर भारत की टीम में शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, अंबाती रायुडू और दिनेश कार्तिक जैसे बेहद आक्रामक खिलाड़ी शामिल हैं.

वहीं ऑस्ट्रेलिया के शॉन मार्श ने पिछले मैच में 131 और पहले मैच में 54 रन बनाकर भारतीय गेंदबाज़ो के लिए सरदर्दी पैदा कर दी है, हालाँकि कप्तान फिंच का न चल पाना मेजबान टीम के लिए परेशानी का कारण बना है. राहत की बात ये है कि ग्लेन मैक्सवैल भी ठीक-ठाक फॉर्म में है.

उस्मान ख्वाजा और पीटर हैंडसकोम्ब भी रन बनाने की क्षमता रखते हैं.

सबसे बड़ी बात ऑस्ट्रेलिया ने पहले मैच में पांच विकेट पर 288 और दूसरे मैच में नौ विकेट पर 298 रन बनाकर बेहद चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने का दमख़म भी दिखा दिया है.

दोनों मैचों के आधार पर माना जा सकता है कि दोनों टीमें जीत की दावेदार है.

ऐसे में किसी की भी जीत की भविष्यवाणी करना बेहद मुश्किल है.

वैसे दोनों टीमों के बीच मेलबर्न में अभी तक 14 मैच खेले गए हैं जिनमें से ऑस्ट्रेलिया ने नौ और भारत ने पांच मुक़ाबले जीते हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.