मोदी ऐसे घोड़े पर सवार हैं जिससे वह चुनाव से पहले नहीं उतर सकते’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे घोड़े पर सवार हैं जिससे वह आम चुनाव 2019 से पहले नहीं उतर सकते हैं। जाहिर है कि वह 2019 से दूसरे कार्यकाल के लिए बतौर प्रधानमंत्री पार्टी के उम्मीदवार होंगे।

इस बात का जिक्र प्रख्यात पत्रकार कुलदीप नैयर ने अपनी अंतिम किताब में की है। पिछले साल कुलदीप नैयर का निधन हो गया।

उन्होंने लिखा कि मोदी जिस दिशा में देश को ले जाना चाहते हैं वह स्पष्ट है और हिंदुत्व के बदले हुए रूप का देशभर में प्रचार हो रहा है। नैयर ने इसके बाद मोदी से खुद से यह सवाल करने को कहा कि क्या यह परिदृश्य लोगों के लिए अच्छा है।

इन बातों का जिक्र नैयर की किताब ‘ऑन लीडर्स एंड आइकॉन्स : फ्रॉम जिन्ना टू मोदी’ में किया गया है। वह अपने जीवन के आखिरी दिनों में यह किताब लिखी।

उन्होंने किताब में लिखा- “चुनावी मुकाबले में उतरने के लिए मोदी अवश्य विभिन्न रणनीतियों की योजना बना रहे होंगे। जाहिर है कि वह 2019 से दूसरे कार्यकाल के लिए बतौर प्रधानमंत्री पार्टी के उम्मीदवार होंगे। ऐसा लग रहा है कि अन्य दल एकजुट होंगे और संघीय मोर्चा की तरह कुछ बनाएंगे। उनकी कोशिश होगी कि मोदी को वापस आने से रोका जाए, जैसाकि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने कहा भी है।”

प्रख्यात पत्रकार ने लिखा- “ऐसी स्थिति में मोदी की उनकी पार्टी को सबसे ज्यादा जरूरत है। यह कैसे संभव होगा जबकि वह खुद भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) बन गए हैं।”

कुलदीप नैयर ने अपना कॅरियर 1950 में उर्दू के एक संवाददाता के रूप में की थी। आपातकाल के दिनों में उनको गिरफ्तार कर लिया गया था।

उन्होंने कहा, “बात जब 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल की आलोचना की होती है तो प्रधानमंत्री और मैं एक ही तरफ होते हैं।” उन्होंने कहा कि उनको इस बात का गर्व है कि मोदी ने उनकी आलोचना का जिक्र किया है।

टेलीविजन पर मोदी की छवि और उनका भाषण सुनकार उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि मोदी को हिंदी की काफी अच्छी समझ है और जनसमूह उनका अनुरण करता है।

पिछले सप्ताह ही सरकार ने नैयर को पद्मभूषण प्रदान करने की घोषणा की है।

उन्होंने लिखा- “हम समाज का जो स्वरूप चाहते हैं उसमें हमारा मतभेद है। वह भाजपा से आते हैं, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का राजनीतिक अंग है, जोकि देश में हिंदू राष्ट्र की स्थापना करना चाहता है, जबकि मैं बहुलवादी समाज में विश्वास करता हूं। उनकी पार्टी लोगों को बांटती है और मैं महात्मा गांधी की शिक्षा में विश्वास करता हूं जिन्होंने हमें बहुसांस्कृतिक राष्ट्र का पाठ पढ़ाया है जहां सभी धर्मो के लोग भयमुक्त होकर एक साथ निवास कर सकें।” इस बात का जिक्र प्रकाशक स्पीकिंग टाइगर ने किया, जिसे किताब के हूबहू अंश का जिक्र करने में कोई भय नहीं है।

नैयर को 1997 में गुजराल की सरकार के दौरान राज्यसभा के सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया था। उन्होंने कहा कि कि महात्मा गांधी का बहुलवाद का दर्शन राष्ट्र की प्रकृति है।

उन्होंने किताब में लिखा- “प्रधानमंत्री मोदी गांधी का आदर करते हैं और कहते हैं कि ‘सबका साथ, सबका विकास’, लेकिन उनकी पार्टी का लक्ष्य इसके विपरीत है।”

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