खेलों की दुनिया के नागा साधू होते हैं फ्रीस्टाइल मोटोक्रॉस राइडर्स : थॉमस पाएज (साक्षात्कार)

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अपने अद्भुत स्टाइल और बाइक के साथ अलग तरह के ट्रिक्स करने वाले फ्रांस के फ्रीस्टाइल मोटोक्रॉस राइडर थामस पाएज भारत के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानते,लेकिन उन्होंने नागा साधुओं के बारे में पढ़ा है। पाएज मानते हैं कि जिस तरह नागा साधू दुनिया के आकर्षण से दूर एक अलग तरह की दुनिया मे जीते हैं, वैसे ही फ्रीस्टाइल मोटोक्रॉस राइडरों की दुनिया बिल्कुल अलग होती है।

पाएज के मुताबिक मोटोक्रॉस राइडर दुनिया की तमाम खराब चीजों को भुलाकर अपनी धुन में रमें रहते हैं।

नित नए ट्रिक्स इजाद करने वाले पाएज का जन्म 1985 में नेंटेस में हुआ था और प्रैक्टिस के दौरान अपने भाई के साथ कई बार हड्डियों तुड़वाने के बाद आज वह दुनिया के बेहतरीन एफएमएक्स राइडरों में शुमार हो चुके हैं। पाएज मौजूदा वर्ल्ड और यूरोपियन नंबर-1 एफएमएक्स राइडर हैं।

2008 विश्व मोटो एक्स चैम्पियनशिप में डबल ग्रैब फ्लिप लगाकर पाएज ने एफएमएक्स की दुनिया में अपना नाम अमर कर लिया।

रेड बुल एफएमएक्स जैम के लिए भारत आए पाएज ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, “हमारी दुनिया अलग होती है। मैंने सुना है कि भारत में रहने वाले नागा साधुओं की अलग दुनिया होती है। वे सारी विलासिता को त्यागकर इस संसार की तकलीफों को त्याग देते हैं। हम भी एसे ही हैं। हमारे लिए फ्रीस्टाइल मोटोक्रॉस दुनिया की सारी गलत चीजों से दूर जाने का साधन है। हम अपनी अलग दुनिया में जीते हैं, जहां रोमांच ही रोमांच है।”

पाएज आज की तारीख मे दुनिया के नम्बर-1 एक्स फाइटर हैं। साल 2015 में अबू धाबी में आयोजित रेड बुल एक्स-फाइटर्स चैम्पियनशिप खिताब गंवाने के बाद 2016 में यह खिताब अपने नाम करने में सफल रहे। 2018 में पाएज ने मीनियापोलिस में आयोजित एफएमएक्स इवेंट में स्वर्ण पदक जीता और फिर से फ्रीस्टाइल मोटोक्रॉस की दुनिया में छा गए।

पाएज बताते हैं कि अपने भाई चार्ल्स के कारण उन्हें इस खेल में आने की प्रेरणा मिली। बकौल पाएज, “चार्ल्स फ्रीस्टाइल मोटोक्रॉस का दीवाना है। वह हमारे घर के बैकयार्ड में रोजाना घंटों ट्रिक्स की प्रैक्टिस किया करता था। शुरुआत में मैं उसे पागल समझता था, लेकिन फिर लगा कि इसमें जरुर कोई बात है, जो यह घंटों इसमें लगा रहता है।”

उन्होंने कहा, “धीरे-धीरे मैं भी इसमें रुचि लेने लगा और फिर एक दिन वह भी आया जब भाई की जगह मैं घंटो बैकयार्ड में अभ्यास करने लगा। हम भाइयों ने कई बार अपनी हड्डियां तुड़वाईं हैं, लेकिन इस खेल से हमारा कभी मोहभंग नहीं हुआ। आज मैं जहां हूं इस खेल के कारण हूं और काफी खुश हूं।”

यह पूछे जाने पर कि क्या वह धरती पर होने वाले सबसे बड़े धार्मिक समारोह, “कुंभ के बारे में जानते हैं, पाएज ने कहा, “ज्यादा कुछ नहीं, लेकिन भारत प्रवास के दौरान टेलीविजन पर कई बार कुंभ के दृश्य देखे हैं। नागा साधुओं को देखा है। वे काफी आकर्षक लगते हैं। उनका जीवन ही अलग है। मैं कभी-कभी खुद को उनके साथ जोड़कर देखता हूं। सोचता हूं, इस मुकाम तक पहुंचने के लिए मैं भी काफी समय तक दुनिया की तमाम जवाबदेहियों से दूर हो गया था। भारत ने मुझे काफी कुछ सिखाया है। यहां के लोग काफी मिलनसार हैं और यह देश काफी सुंदर है।”

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