संविधान के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी, केंद्र और राज्य निभाएं अपनी जिम्मेवारी: नीतीश

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पटना। मुख्यमंत्राी नीतीश कुमार ने कहा है कि संविधान ही सब कुछ है उसके अनुपालन से ही देश में सारी चीजें हो रही हैं। संविधान में मौलिक अधिकार, संप्रभुता, नीति निर्देशक तत्व, धर्म निरपेक्षता, पफेडरलिज्म जैसी मौलिक चीजों की विस्तृत चर्चा है। नीति निर्देशक तत्वों के प्रावधानों का पालन करने के अंतर्गत ही बिहार में शराबबंदी लागू की गई। संविधान का ढांचा इस तरह से तैयार किया गया है कि देश का पफेडरल स्ट्रक्चर बना रहे। केंद्र को भी अधिकार दिए गए हैं और राज्य को भी अधिकार दिए गए हैं। पफेडरलिज्म जितना मजबूत होगा देश उतना ही मजबूत होगा और देश आगे बढ़ेगा। राज्यों की स्वायतता का ख्याल रखा गया है और केंद्र की भी अपनी जिम्मेवारियां हैं। मुख्यमंत्राी ने कहा कि कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका इन तीनों के संविधान में अपने अधिकार एवं कर्तव्य हैं उन्हें अपनी जवाबदेही का निर्वहन करना होता है। विधायिका को नियम बनाने हैं तो, कार्यपालिका को उसका अनुपालन करना है और न्यायपालिका को कानून की व्याख्या करनी है। अपने-अपने विचार एवं कार्यक्रम के अनुसार राजनीतिक पार्टियां भी देश के लिए काम करती हैं। उन्होंने कहा कि हम सबकी संविधान के प्रति प्रतिब(ता होनी चाहिए। यह बातें मुख्यमंत्राी नीतीश कुमार ने बिहार विधानमंडल विस्तारित भवन में सेंट्रल हाल का उद्घाटन करने के बाद कही। उन्होंने कहा कि यह संसद के सेन्ट्रल हाल की तरह है। यहां सभी लोग आएं एवं दिल खोलकर बातें करें। उन्होंने कहा कि 11 पफरवरी, 2019 को बिहार विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन को सेन्ट्रल हॉल में ही राज्यपाल संबोधित करेंगे। 7 पफरवरी 1921 को बिहार विधानमंडल की स्थापना की गई थी उसके 98 साल बाद आज यह सेंट्रल हल बनकर तैयार हो गया है, यह हमलोगों के लिए बहुत ही खुशी की बात है। इसमें जरूरत की सारी सुविधाओं का ध्यान रखा गया है और भी यहां जो कुछ करने की जरूरत होगी उसको किया जाएगा। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष एवं विधान परिषद के सभापति से आग्रह किया विधान मंडल परिसर में एवं सेंट्रल हाल में महात्मा गांधी के विचारों लिखकर लगायें। ताकि लोगों पर इसका प्रभाव पड़े। उन्होंने कहा कि 2007-08 में बिहार विधानसभा, पुराना सचिवालय को बेहतर ढंग से बनाने की अवधारणा बनायी गयी थी। उसके लिए अच्छे कन्सलटेंट से संपर्क किया गया, पिफर डीपीआर तैयार कर विधानमंडल में इसकी रूपरेखा रखी गयी। 26 जनवरी, 2010 को इसका शिलान्यास किया गया था। 19 नवम्बर 2016 को इसका उद्घाटन किया गया लेकिन कुछ काम अधूरे रह गए थे, जो आज पूरे तौर पर कार्य पूर्ण होने के उपरांत इसका उद्घाटन हुआ है। इसमें विधानसभा के अध्यक्ष, विधान परिषद के सभापति, मुख्यमंत्राी का कक्ष एवं मंत्रियों का चैम्बर बनाया गया है। एक बेहतर लाइब्रेरी का निर्माण किया गया है। लाइब्रेरी के जगह की उचित व्यवस्था की गई है, जो भी सदस्यगण अध्ययन करना चाहेंगे उन्हें कापफी सहूलियत होगी। जब हम सांसद थे उस दौरान पार्लियामेंट के सेंट्रल हाल की अवधारणा मेरे मन में थी उसी के अनुरूप इसे बनाया गया है। इसका पफर्निचर भी बिल्कुल वैसा ही मजबूत और सुंदर बनाया गया है। पार्लियामेंट के सेंट्रल हल में सांसद, पूर्व सांसद आकर बैठते हैं और आपस में दलगत भावना से उठकर एक दूसरे से प्रेम पूर्वक विचार विमर्श करते हैं। संसद में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष आपस में कितना भी तकरार कर लें लेकिन सेंट्रल हाल की खासियत है कि यहां का माहौल सौहार्द्रपूर्ण बना रहता है। उन्होंने कहा कि हमारी इच्छा है कि बिहार विधानमंडल के सेंट्रल हाल में भी ऐसा ही वातावरण देखने को मिले। यहां खाने-ं पीने की व्यवस्था भी रहेगी, ताकि किसी प्रकार की किसी को असुविधा नहीं हो। मुख्यमंत्राी ने कहा कि चंपारण सत्याग्रह के माध्यम से एक व्यापक जन आन्दोलन हुआ, जिसमें लोगों की बड़ी संख्या में भागीदारी हुई। बापू ने पर्यावरण के प्रति भी अपनी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि पृथ्वी हमारी जरुरतों को पूरा करने में सक्षम है, लालच को नहीं। हम सबों को इसके प्रति सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पहले बिहार में 12 सौ से 15 सौ मिली मीटर तक वषपात होती थी। अब औसत रेनपफाल 800 मिली मीटर रहा है। मुख्यमंत्राी ने कहा कि बापू ने सातसामाजिक पापों की चर्चा की है जिसमें सि(ांत के बिना राजनीति, काम के बिना धन, विवेक के बिना सुख, चरित्रा के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना व्यापार, मानवता के बिना विज्ञान, त्याग के बिना पूजा की चर्चा की है। उन्होंने कहा कि हमने सभी सरकारी बिल्डिंगों में बापू के पर्यावरण संबंधी संदेश और सात सामाजिक पापों को अंकित करवा दिया है। विधानसभा अध्यक्ष महोदय से निवेदन है कि इस परिसर में भी इसे अंकित करवा दें, तो बेहतर होगा। 10 प्रतिशत लोग भी अगर इसका अनुपालन करेंगे तो समाज बदल जाएगा। मुख्यमंत्राी ने कहा कि यह सेंट्रल हल अच्छा बना है और मेरा ऐसा विश्वास है कि सेंट्रल हल में सभी सदस्यगण एवं पूर्व सदस्यगण सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाकर आपस में विचार विमर्श करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्राी सुशील कुमार मोदी, भवन निर्माण मंत्राी महेश्वर हजारी, संसदीय कार्यमंत्राी श्रवण कुमार ने भी संबोधित किया।

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