आतंकी संगठन लश्कर-ए-तयैबा में शामिल होने पाकिस्‍तान जा रहा युवक गिरफ्तार

0
107

आतंकी संगठन लश्कर-ए-तयैबा में शामिल होने जा रहे एक शख्स को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। संघीय जांच ब्यूरो (FBI)  ने शुक्रवार को घोषणा की कि उन्होंने जॉन एफ कैनेडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार रात युवक को गिरफ्तार किया। एफबीआइ ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर न्यूयॉर्क के रहने वाले जीसस विल्फ्रेडो एनकर्नेशियन को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह पाकिस्तान जाने के लिए हवाई अड्डे पर उड़ान भरने ही वाला था।

सोशल मीडिया के जरिए की जाती है भर्ती
26/11 मुंबई हमले के बाद लश्कर-ए-तयैबा अमेरिका में भी अपने संगठन को विस्तार करने की कोशिश में जुट गया था। यहां पर सोशल मीडिया के जरिए अमेरिकी युवाओं को बहला-फुसलाकर आतंकी समूह में भर्ती करने के प्रेरित किया जा रहा। जब कोई युवक लश्कर-ए-तयैबा के संपर्क में आता तो उसे प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान भेजा जाता था।

पूछताछ में युवक ने उगले कई राज
अभियोजकों का कहना है कि विल्फ्रेडो एनकर्नेशियन ने आतंकवादी संगठन में शामिल होने की कोशिश करने के लिए सोशल मीडिया के जरिए संपर्क साधा था। उनसे पूछताछ में बताया कि वह लश्कर-ए-तयैबा में शामिल होना चाहता था। असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल जॉन डेमर्स ने कहा कि एनकर्नेशियन ने पाकिस्तान जाने लिए एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर सारे दस्तावेज प्राप्त किए। अटॉर्नी जनरल ने बताया कि इस व्यक्ति ने बेकसूर लोगों को मारने की भी इच्छा जताई और कहा कि वह ट्रेनिंग के बाद कई आतंकी घटनाओं को अंजाम भी देने वाला था।एफबीआइ के लिए यह गिरफ्तारी काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि अमेरिका में लश्कर-ए-तयैबा के नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है।

अक्टूबर 2018 में मिले थे बम
अक्टूबर 2018 में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को संदिग्ध पैकेटों के जरिए बम भेजा गया था। एफबीआइ ने एक बयान में कहा था कि 22 अक्टूबर और 24 अक्टूबर, 2018 के बीच न्यूयॉर्क और वाशिंगटन और फ्लोरिडा में कई स्थानों पर संदिग्ध पैकेज प्राप्त हुए। पैकेज को क्वांटिको और वर्जीनिया में एफबीआइ प्रयोगशाला में विश्लेषण के लिए भेजा गया था। अमेरिकी मीडिया हाउस सीएनएन के न्यूयार्क ब्यूरो में भी पैकेट के अंदर बम डिवाइस मिलने का भी पता चला था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.