सीबीएसई परीक्षा कल से / तीन स्तरों पर होगी प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा, बच्चों के सामने खुलेेगा लिफाफा

0
94

नई दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा 12वीं की परीक्षा शुक्रवार से शुरू हो रही है। सीबीएसई ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पिछली बार प्रश्न-पत्र लीक की घटना से सबक लेते हुए सीबीएसई ने इस बार तीन स्तरीय व्यवस्था की है। इसमें प्रश्न-पत्र का लिफाफा खोलने से लेकर उसे परीक्षार्थियों को बांटने की प्रक्रिया दुरुस्त रहेगी। कक्षा 12वीं की परीक्षा 4 अप्रैल तक होगी। वहीं कक्षा 10वीं की परीक्षा 21 फरवरी से शुरू होगी और 29 मार्च तक चलेगी।

 

पहले स्तर पर पेपर सेंटर तक पहुंचाने की ऑनलाइन ट्रेकिंग होगी। दूसरे स्तर पर सेंटर सुपरिंटेंडेंट (सीएस), दो ऑर्ब्जवर के साथ सील बंद लिफाफा खोलेगा। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। अंतिम स्तर पर इंविजिलेटर क्लास रूम में जाकर दो बच्चों की मौजूदगी में प्रश्न-पत्र का लिफाफा खोलेगा। परीक्षा की गोपनीय सामग्री की जिओ टैग के जरिए निगरानी भी होगी और उसका पता भी लगाया जाएगा।

 

परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया गया है। कोई भी परीक्षार्थी लिखित परीक्षा के लिए कंप्यूटर और लैपटॉप का इस्तेमाल कर सकता है। सोशल मीडिया पर परीक्षा को लेकर भ्रामक खबरें देना या अफवाह फैलाना  कदाचार माना जाएगा।

 

एहतियात के तौर पर पहली बार कई संवेदनशील सेंटरों पर धारा 144 लागू रहेगी। सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने भास्कर को बताया कि बच्चों को हर हाल में छात्रों को 10 बजे तक अपनी क्लास में बैठ जाना होगा। इसलिए वे सेंटर पर कम से कम 20 मिनट पहले आएं। 10 बजे के बाद परीक्षार्थी को परीक्षा हाल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पहली बार एडमिट कार्ड पर छात्र के अभिभावक के हस्ताक्षर अनिवार्य किया गया है।

 

31 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी

इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा में 31 लाख, 14 हजार, 821 परीक्षार्थी हैं। परीक्षा के लिए देश में 4,974 केंद्र बनाए गए हैं। विदेश में 78 केंद्र बनाए गए हैं। सीबीएसई की नोटिस के मुताबिक परीक्षाओं को सही ढंग से कराने के लिए 3 लाख से ज्यादा अधिकारी कार्य करेंगे। इनमें सेंटर सुपरिंटेंडेंट, डिप्टी सेंटर सुपरिंटेंडेंट, इंविजिलेटर, चीफ नोडल सुपरवाइजर्स, हेड एग्जामिनर्स, इवेल्युएटर शामिल हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.