कश्मीर में सैनिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब हवाई मार्ग से श्रीनगर जाएंगे जवान

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नई दिल्लीः पुलवामा आंतकी हमले के बाद श्रीनगर में अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक अब बीएसएफ, असम राइफल्स, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी, एनएसजी और आईटीबीपी के जवानों को कश्मीर घाटी में तैनाती के लिए हवाई मार्ग से ही श्रीनगर ले जाया जाएगा. सैनिकों की सुरक्षा को देखते हुए अब सभी अर्धसैनिक बलों के जवान विमान से ही श्रीनगर जाएंगे. इस फैसले के मुताबिक अब हर जवान और हर अफसर को हवाई जहाज से ही जम्मू से श्रीनगर भेजा जाएगा. सभी अर्धसैनिक बलों के लिए जारी किया गया यह आदेश आज (21 फरवरी) से प्रभावी हो गया है. गृह मंत्रालय ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को अब दिल्ली-श्रीनगर, श्रीनगर-दिल्ली, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू के रास्ते पर हवाई मार्ग से भेजे जाने की स्वीकृत देते हुए आदेश जारी किया है.

गृह मंत्रालय के इस निर्णय से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के 7 लाख 80 हजार जवानों को सीधा फायदा मिलेगा. इससे पहले कॉन्सटेबल, हेड कॉन्सटेबल और एएसआई रैंक के जवान इस सुविधा के हकदार नहीं थे. जवानों को यह सुविधा जम्मू कश्मीर में ड्यूटी के दौरान यात्रा के साथ ही छुट्टी पर जाने (जम्मू कश्मीर से घर और वहां से वापसी) के लिए भी मिलेगी.

राजनाथ ने कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की जहां पिछले हफ्ते भीषण आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया था कि बैठक के दौरान गृह मंत्री को जम्मू-कश्मीर की मौजूदा हालात के साथ ही भारत-पाकिस्तान सीमा की स्थिति की भी जानकारी दी गई.

बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक राजीव जैन के अलावा अन्य अधिकारियों ने शिरकत की थी. बैठक में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की धर-पकड़ के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा हुई और सीमा पार से घुसपैठ को कैसे रोका जाए, इस पर भी विचार-विमर्श हुआ था.

अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि सुनिश्चित करें कि कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ हरसंभव कदम उठाए जाएं. उन्होंने देश के विभिन्न हिस्से में रह रहे निर्दोष कश्मीरियों की रक्षा के भी निर्देश दिए. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में पिछले 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर जैश ए मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटको से भरे वाहन से हमला कर दिया जिसमें 40 जवान शहीद हो गए.

सेना के श्रीनगर के चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने मंगलवार को कहा था कि जो भी बंदूक उठाएगा, वह मारा जाएगा. उन्होंने कश्मीर की माताओं से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को आत्मसमर्पण करने के लिए मनाएं. पुलवामा हमले के बाद सोमवार को जैश ए मोहम्मद के आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में मेजर सहित सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे. इसमें आतंकवादी संगठन के दो शीर्ष कमांडर भी मारे गए थे.

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