फेम-II योजना / 15.62 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगी सब्सिडी, 1 अप्रैल से होगी लागू

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यूटिलिटी डेस्क. इलेक्ट्रिक और हाईब्रिड वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने गुरुवार को 10,000 करोड़ रुपए की फेम-II योजना को मंजूरी दे दी। इस रकम से इलेक्ट्रिक बस, कार, तिपहिया और दोपहिया खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाएगी।योजना 1 अप्रैल 2019 से लागू होगी। इसकी अवधि तीन साल की होगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी दी।

योजना के तहत 7 हजार बसों, 55 हजार कारों, 5 लाख तिपहिया और 10 लाख दोपहिया पर सब्सिडी देने की योजना है। यह सब्सिडी उन्हीं वाहनों के लिए दी जाएगी जिनमें लिथियम ऑयन या दूसरी नई टेक्नोलॉजी की बैटरी होगी। इन वाहनों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जाएगा। शहरों में हर तीन किमी की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। हाईवे पर हर 25 किमी पर चार्जिंग स्टेशन लगेंगे। फेम-1 योजना अप्रैल 2015 में लागू हुई थी। इसके तहत 895 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।

इस योजना में टू व्‍हीलर (ई-वाहन) खरीदार को 40,000 रुपये तक की सब्सिडी दे सकती है। वहीं इलेक्ट्रिक कार पर 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि योजना के दूसरे चरण में विभिन्न श्रेणियों के इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के पंजीकरण और पार्किंग शुल्क में छूट देने और सड़क कर से राहत देने जैसे प्रोत्साहन वाले कदम उठाए जाएंगे।

यह सब्सिडी अप्रैल से प्रभावी होगी। इस योजना के तहत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के एक्‍स फैक्‍ट्री प्राइस पर भी कैप लगा सकती है। वह इसे 15 लाख रुपए पर सीमित कर सकती है। किसी भी इलेक्ट्रिक व्‍हीक-ल पर सब्सिडी उसकी बैट्री कैपेसिटी के आधार पर तय होती है यानि वाहनों पर 10 हजार रुपए प्रति KWh और घरों पर 20 हजार KWh।

सब्सिडी लागू होने पर ग्राहकों को सबसे ज्‍यादा फायदा होगा। इससे न सिर्फ उनकी ईंधन लागत घटेगी बल्कि कार की कीमत पर भी असर पड़ेगा। इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ने से पेट्रोल पंप की तरह जगह-जगह इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्‍टेशन खुलेंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे वहीं पेट्रोल की खपत भी कम होगी।

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