बॉट ने मेलाग्लो रिच क्रीम पर जीएसटी नहीं घटाया, अब देना होगा 96 लाख रुपए का जुर्माना

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सरकार के बार बार कहने के बावजूद भी कंपनियां जीएसटी में कटौती का लाभ अपने ग्राहकों को नहीं दे रही हैं। हाल ही में एचयूएल पर भी बड़ा जुर्माना लगाया गया था। अब दवा कंपनी एबॉट ने जीएसटी की दर नहीं घटाई। इस कारण मुनाफाखोरी निरोधक प्राधिकरण ने एबॉट हेल्थकेयर को जीएसटी दर में कटौती का 96.59 लाख रुपए का लाभ ग्राहकों को नहीं देने का दोषी पाया गया है।

प्राधिकरण ने मुंबई की कंपनी से उपभोक्ता कल्याण कोष में यह राशि जमा करने को कहा है। इस बारे में मिली शिकायत की जांच करते हुए मुनाफारोधी महानिदेशालय ने पाया कि कंपनी ने झांई दूर करने की दवा ‘मेलाग्लो रिच (नियाइनामाइड) क्रीम’ की बिक्री के दौरान माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दर में कटौती का लाभ ग्राहकों को नहीं दिया।

जीएसटी लागू होने से पहले इस उत्पाद पर कर की दर 30.06 प्रतिशत थी जिसे एक जुलाई 2017 से माल एवं सेवा कर लागू करने के साथ इसे कम कर 28 प्रतिशत तथा 15 नवंबर 2017 को कम कर 18 प्रतिशत कर दिया गया।

हालांकि इस अवधि में उत्पाद का आधार मूल्य 202.06 रुपए से बढ़ाकर 230.90 रुपए कर दिया गया। इससे बिक्री मूल्य बढ़ा तथा कर में कटौती का लाभ ग्राहकों को नहीं दिया गया। राष्ट्रीय मुनाफा रोधी प्राधिकरण ने अपने आदेश में कहा, ‘इस प्रकार कंपनी ने एक जुलाई 2017 से 31 जुलाई 2018 के दौरान 96,59,716.26 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया।’’ प्राधिकरण ने यह राशि केंद्र एवं राज्यों के उपभोक्ता कल्याण कोष में 18 प्रतिशत ब्याज के साथ जमा करने को कहा है।

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