देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट के शिलान्यास पर संकट, लोकसभा चुनाव तक लटका मामला !

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दिल्ली के बेहद करीब उत्तर प्रदेश के जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास कार्यक्रम टल गया है। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहीत होने वाली भूमि का मुआवजा किसानों में नहीं बट पाया है वहीं, कुछ किसान मुआवजा बढ़ोतरी को लेकर कोर्ट भी चले गए हैं। ऐसे में शिलान्यास कार्यक्रम नहीं हो पाएगा, हालांकि इसकी पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं हुई है। बताया तो यह भी जा रहा है कि यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक प्राधिकरण (Yamuna Expressway Industrial Development Authority) अब तक जमीन पर कब्जा तक नहीं ले पाई है।

इस बीच खबर यह भी है कि जब प्राधिकरण के पास जमीन ही नहीं है, तो एयरपोर्ट का शिलान्यास कैसे होगा। यही वजह है कि अब तक एयरपोर्ट के शिलान्यास का कार्यक्रम जिला प्रशासन के पास नहीं आया है। वहीं,जिला प्रशासन ने जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण संबंधित सभी जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी है। सीएम को बताया गया है कि किसानों से जमीन अधिग्रहण होने से पहले जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास करना ठीक नहीं होगा।इस बीच केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा दावा का कहना है कि प्रधानमंत्री शनिवार को ग्रेटर नोएडा पहुंचकर पंडित दीन दयाल शोध संस्थान व राष्ट्रीय संग्राहलय का लोकार्पण करेंगे। साथ ही वे जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास कर सकते हैं।

उधर, कार्यक्रम के बाबत जिला प्रशासन का साफतौर पर कहना है कि उनके पास दो योजनाओं का लोकार्पण का कार्यक्रम आया है। एयरपोर्ट के शिलान्यास का प्रोग्राम नहीं आया है। उम्मीद जताई जा रही है कि शिलान्यास लोकसभा चुनाव के बाद होगा। एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहण होने वाली जमीन का किसानों को मुआवजा नहीं बांटा गया है। किसान मुआवजा बढ़ाने को लेकर कोर्ट भी चले गए है। कुल 14 याचिकाएं हाई कोर्ट में हैं। इससे यमुना अथॉरिटी के अधिकारी जमीन पर कब्जा नहीं ले पाए हैं। सूत्रों का कहना है कि ऐसे में एयरपोर्ट का शिलान्यास नहीं किया जा सकता।

इसलिए नहीं हो रहा कार्यक्रम
जानकारी के मुताबिक, जेवर एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली जमीन का मुआवजा नहीं बंट पाया है। वहीं, कुछ किसान कोर्ट चले गए हैं। ऐसे में हालात ऐसे बन रहे हैं, जिसमें बिना विवाद सुलझाए एयरपोर्ट का शिलान्यास सरकार और प्रशासन दोनों के लिए मुश्किलें पैदा करेगा।

दिल्ली के आजीआइ एयरपोर्ट से दोगुना होगी क्षमता
इंदिरा गांधी एयरपोर्ट (आइजीआइ) क्षेत्रफल के लिहाज से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से काफी पीछे रह जाएगा। आइजीआइ का क्षेत्रफल 2066 हेक्टेयर है तो नवी मुंबई में बनने जा रहे एयरपोर्ट का क्षेत्रफल भी 2320 हेक्टेयर है, जबकि जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट पांच हजार हेक्टेयर में बनेगा। जेवर में प्रस्तावित एयरपाेर्ट की क्षमता भी दिल्ली से दाेगुनी हाेगी। अभी एयरपाेर्ट की क्षमता प्रतिवर्ष 3.5 कराेड़ यात्रियाें की हाेगी। यहां एयर कार्गाे हब भी बनाया जाएगा। इस एयरपाेर्ट से माल ढुलाई पर खासताैर पर जाेर हाेगा।

20 करोड़ यात्री होंगे
2050 तक जेवर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से वर्ष 2050 तक सालाना बीस करोड़ यात्री हवाई सफर करेंगे। इस मामले में भी जेवर एयरपोर्ट आइजीआइ को पीछे छोड़ देगा। आइजीआइ से वर्तमान में छह करोड़ यात्री सालाना हवाई सफर करते हैं। 2022-23 तक यात्री संख्या बढ़कर दस करोड़ सालाना अधिकतम होने का अनुमान है। इसके बाद यहां यात्री संख्या बढ़ाने की गुंजाइश समाप्त हो जाएगी।

क्षेत्रफल के आधार पर जेवर से बड़े विश्व के एयरपाेर्ट

  • किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (सऊदी अरब) – 77600 हेक्टेयर
  • डेनवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (संयुक्त राज्य अमेरिका) – 13, 571 हेक्टेयर
  • डलास / फोर्ट वर्थ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (संयुक्त राज्य अमेरिका) – 6963 हेक्टेयर
  • ऑरलैंडो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (संयुक्त राज्य अमेरिका) – 5383 हेक्टेयर

चीन के शंघाई, अमेरिका के वाशिंगटन अाैर फ्रांस के पेरिस से बड़ा

  • वाशिंगटन डुलल्स अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (संयुक्त राज्य अमेरिका) )- 4856 हेक्टेयर
  • शंघाई पुडोंग अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (शंघाई, चीन) – 3,988 हेक्टेयर
  • पेरिस चार्ल्स डी गॉल हवाई अड्डा (पेरिस, फ्रांस) – 3237 हेक्टेयर

यात्रियाें के हिसाब से दुनिया के दाे बड़े एयरपाेर्ट

  • अमेरिका का अटलांटा एयरपाेर्ट – 10. 41 कराेड़ यात्री प्रतिवर्ष
  • चीन का बिजिंग एयरपाेर्ट – 9. 43 कराेड़ यात्री प्रतिवर्ष

पांच साल बाद शुरू हो जाएंगी उड़ानें

जेवर एयरपोर्ट से विमान सेवाओं का संचालन भी 2023-24 में शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआत में जेवर से आठ करोड़ सालाना यात्रियों के हवाई यात्रा करने का अनुमान है। साल दर साल यात्री संख्या में इजाफा होगा। आइजीआइ की क्षमता पूरी होने के बाद जेवर एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाओं के बढ़ने के साथ यात्री संख्या भी बढ़ेगी।

पहले चरण में तीन हजार हेक्टेयर में होगा

जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण तीन हजार हेक्टेयर का होगा। इसमें दो रनवे तैयार किए जाएंगे। एक रन वे जहाजों के उड़ान भरने व दूसरा उतरने के लिए होगा। यात्रियों का दबाव बढ़ने एवं उड़ान संख्या बढ़ने पर विस्तार का दूसरा चरण होगा। हालांकि आइजीआइ पर तीन रनवे से जहाज उड़ान भरते व उतरते हैं।

कनेक्टिविटी के मामले में भी होगा बेजोड़

जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी भी बेजोड़ होगी। ग्रेटर नोएडा से जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को मेट्रो और पॉड से जोड़ने की भी योजना है। दो ओर से यमुना एक्सप्रेस वे और पलवल खुर्जा एक्सप्रेस वे से जुड़ा होगा। अन्य दो साइट में 130 मीटर सड़क व सौ मीटर चौड़ी सड़क से कनेक्टिविटी दी जाएगी। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।

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