कर्नाटक : कांग्रेस, जद गठबंधन भाजपा को मात देने को लेकर आशावान

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बेंगलुरू,  कर्नाटक के सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगी कांग्रेस और जनता दल (सेकुलर) को उम्मीद है कि वे राज्य में अप्रैल में होने वाले चुनाव में 28 लोकसभा सीटों पर संयुक्त रूप से लड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मात दे देंगे।

जद (एस) के प्रवक्ता व विधानसभा परिषद के पूर्व सदस्य रमेश बाबू ने आईएएनएस से कहा, “जद (एस) व कांग्रेस के एक साथ चुनाव लड़ने से राज्य में धर्मनिरपेक्ष वोटों का बिखराव नहीं होगा। लोकसभा चुनाव में भाजपा को मात देने के लिए हमारी पार्टियों में सीटों बंटवारा अच्छी तरह से किया गया है।”

गठबंधन सहयोगियों का दृष्टिकोण अपने को एकजुट रखकर भाजपा को ज्यादा सीटों पर जीत से रोकना है।

सत्तारूढ़ दोनों दलों ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में चुनाव पूर्व गठबंधन किया है। लोकसभा चुनाव के लिए मतदान राज्य में दो चरणों में 18 व 23 अप्रैल को होने हैं। राज्य में जद (एस) आठ सीटों पर और कांग्रेस 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

बाबू ने स्वीकार किया कि जद (एस) और कांग्रेस ने मई 2018 का विधानसभा चुनाव एक-दूसरे के खिलाफ लड़ा था। उन्होंने कहा कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों को लेकर मतभेद है, लेकिन पार्टियां अपनी एकता मजबूत करने के लिए काम कर रही हैं।

जद (एस) प्रवक्ता ने कहा, “हमने विधानसभा चुनाव प्रतिद्वंद्वी के रूप में लड़ा था, खास तौर से पुराने मैसूर इलाके में, जहां दोनों पार्टियों की मजबूत पकड़ है। इसलिए मतभेदों का होना स्वाभाविक है। पार्टियों के नेता, कार्यकर्ताओं के स्तर पर मतभेदों को दूर करने के लिए काम कर रहे हैं।”

कांग्रेस पार्टी का यह भी मानना है कि अगर गठबंधन के साझेदार एकजुट रहे और अपनी कलह मिटा लेते हैं तो वे आसानी से लोकसभा चुनाव जीत सकते हैं।

कांग्रेस की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष बी.के.चंद्रशेखर ने आईएएनएस से कहा, “अगर जद (एस) व कांग्रेस एकजुट रहते हैं तो वे केंद्र में भाजपा की विफलता जैसे बेरोजगारी के मुद्दे को उठा सकते हैं। अगर पार्टियां कलह से बचती हैं तो हम आसानी से लोकसभा चुनाव जीत सकते हैं।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि आम चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्कषण से भाजपा को बहुत कम लाभ होने की संभावना है।

चंद्रशेखर ने कहा, “मोदी का लाभ भाजपा को 2018 के मध्य प्रदेश व राजस्थान के विधानसभा चुनावों में नहीं मिला और वे किसी तरह 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव में सत्ता बचाने में कामयाब रहे। आम चुनाव में बहुत कम संभावना है कि कर्नाटक में मोदी कुछ कर पाएंगे।”

जद (एस) व कांग्रेस नेताओं को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारस्वामी की गठबंधन सरकार द्वारा 48,000 करोड़ रुपये की कृषि कर्जमाफी का चुनाव के नतीजे पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

कांग्रेस नेता ने कहा, “कृषि ऋणमाफी किसानों को फायदा पहुंचाने वाला कदम है। अगर हम कर्ज नहीं माफ करते तो किसानों की पीड़ा बनी रहती।”

दूसरी तरफ भाजपा ने जद (एस) व कांग्रेस के सीट बंटवारे को सतही कहकर मजाक उड़ाया।

भाजपा की राज्य इकाई के प्रवक्ता जी.मधुसूदन ने आईएएनएस से कहा, “सीट बंटवारा समझौता सिर्फ कागजों पर है और यह सतही है। दोनों पार्टियों ने 2018 में विधानसभा चुनाव एक-दूसरे के खिलाफ लड़ा था। उनके कार्यकर्ता एक-दूसरे के साथ नहीं खड़े होते और एक-दूसरे के खिलाफ जहर उगल रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के बीच की अंदरूनी कलह से भाजपा को ज्यादा सीटें जीतने में मदद मिलेगी।

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