महात्मा गांधी इतना पैदल चले थे कि पृथ्वी के दो बार चक्कर पूरे हो जाते

    0
    99

    नई दिल्ली। नई दिल्ली के नेशनल गांधी म्यूजियम में सुरक्षित रखी गईं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वास्थ्य से जुड़ी फाइलें पहली बार एक किताब की शक्ल में लोगों के सामने आई है। ‘गांधी एंड हेल्थ @ 150’ शीर्षक से प्रकाशित इस किताब में खुलासा किया गया है कि 220/110 तक के हाई ब्लडप्रेशर की गिरफ्त में होने के बावजूद बापू कैसे खुद को फ‍िट रख पाते थे।

    किताब को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की ओर से प्रकाशित कराया गया है। किताब को धर्मशाला में 14वें दलाई लामा द्वारा लॉन्च किया। इस मौके पर दलाई लामा ने कहा कि अहिंसा और मानसिक चिकित्सा पर महात्मा का दर्शन 21वीं सदी में भी प्रासंगिक है। किताब में माहात्मा के स्वास्थ्य से जुड़ी रिपोर्ट के हवाले से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 1938 में बापू का वजन 46.7 किलोग्राम और उनकी लंबाई पांच फुट पांच इंच थी। बॉडी मास इंडेक्स (17.1-) के लिहाज से यह दशा ‘अंडरवेट’ कही जाएगी। मौजूदा वक्त में यदि कोई इस हालत में हो तो केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, ‘उसे ज्यादा और संतुलित भोजन करने साथ नियमित हेल्थ चेकअप की जरूरत है।’ इन सबके बावजूद महात्मा ने आजादी की लड़ाई का नेतृत्व करते हुए देश को स्वतंत्र कराया।

    बापू अपने आहार को लेकर भी प्रयोगधर्मी थे। इस प्रयोग के कारण ऐसे वक्त भी आए जब वह मौत के काफी करीब पहुंच गए। हालांकि शरीर को लेकर उनकी सजगता ने उन्हें इन आकस्मिक संकटों से उबरने में भी मदद की। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के डीजी डॉक्टर बलराम भार्गव ने इस किताब में लिखा है कि हाई ब्लड प्रेशर के बावजूद 1937-1940 के दौरान बापू की ईसीजी रिपोर्ट मामूली बदलावों के साथ सामान्य थी।

    किताब में महात्मा की जन्म कुंडली के बारे में भी बताया गया है। जन्म पत्री के मुताबिक, उनका जन्म दो अक्टूबर 1969 को सुबह 7:45 बजे गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। बापू के जन्म के समय शुक्र, बुध और मंगल की अंतरदशा का योग था जिसने उन्हें संघर्षशील योद्धा बनाया। ज्योतिष के मुताबिक, इसी योग के कारण बापू को पूरी दुनिया में प्रसिद्धी मिली और वे महान जननेता के रूप में उभरे। ज्योतिष विद्या के जानकार इसे ‘महान महापुरुष योग’ के नाम से जानते हैं।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.