काराकस, वेनेजुएला की शीर्ष अदालत ने मंगलवार को संविधान सभा की बैठक बुलाई है। वेनेजुएला में राजनीतिक घमासान के बीच सुप्रीम कोर्ट का यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। शीर्ष अदालत ने संविधान सभा की यह बैठक विपक्षी नेता जुआन गुएडो के संसदीय प्रतिरक्षा को हटाने के लिए बुलाई है। शीर्ष अदालत की इस दखल से यहां के राजनीतिक संघर्ष में नया मोड़ आ सकता है। ऐसे संकेत हैं कि सर्वोच्‍च न्‍यायाल के इस फैसले के बाद राष्‍ट्रपति निकोलस मादुरो अपने प्रतिद्वंद्वी व विपक्ष के नेता गुएडो पर उनके 50 से अधिक देशों की यात्रा को लेकर उन पर मुकदमा चला सकते हैं।

गौरतलब है कि तीन माह पूर्व वेनेजुएला के अटार्नी जनरल तारेक विलियम सआब ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि गुएडो पर देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाए और उनकी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया जाए। हालांकि, उस वक्‍त कोर्ट ने उनके इस आग्रह को नजरअंदाज कर दिया था। लेकिन अब यह माना जा रहा है कि मादुरो के प्रति झु‍काव दिखा रहा सुप्रीम कोर्ट महाधिवक्‍ता की मांग को मानते हुए यह आदेश भी जारी कर सकता है।

वेनेजुएला की सेना का झुकाव भी मादुरो के प्रति है। ऐसे में जाहिर है कि गुएडो की मुश्किलें बढ़ सकती है। इन परिस्‍थतियों के बीच अमेरिकी एक्‍शन को देखना दिलचस्‍प होगा, क्‍यों कि अमेरिका व अन्‍य यूरोपीय देशों को विपक्ष के नेता गुएडो को समर्थन दे रहे हैं।
उधर, गुएडो और मादुरो के बीच चल रहे सत्‍ता संघर्ष के चलते वेनेजुएला जबरदस्‍त आर्थिक और राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है। वेनेजुएला में छाया संकट लगातार गहराता जा रहा है। देश में बिजली आपूर्ति ठप हो जाने के कारण देश का अधिकांश भाग अंधेरे में डूब गया है। इसके चलते शिक्षण संस्‍थान बंद हैं। वेनेजुएला के संचार मंत्री ने सरकारी टेलीविजन से कहा है कि बिजली आपूर्ति में स्थिरता बनाए रखने के लिए सार्वजनिक एवं निजी संस्‍थानों में दोपहर दो बजे तक काम करने का आदेश दिया है।

बता दें कि चार माह पूर्व जब राष्‍ट्रपति निकोलश मादुरो ने अपने दूसरे कार्यकाल की शपथ ली, तब विपक्ष ने उन पर धांधली का आरोप लगाया था। उस वक्‍त विपक्ष के नेता गुएडो ने अपने आपको अंतरिम राष्‍ट्रपति घोषित कर दिया था। इसके बाद से वेनेजुएला में सत्‍ता संघर्ष चल रहा है। इसके बाद से वेनेजुएला में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए। गुएडो को अमेरिका समेत 20 देशों को समर्थन हासिल है। इन देशों ने गुएडो काे राष्‍ट्रपति के तौर पर मान्‍यता दी है। उधर, मादूरो को रूस और चीन समेत कुछ अन्‍य देशों का समर्थन हासिल है। संयक्‍त राष्‍ट्र के मुताबिक 21 जनवरी से अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.