जयपुर: राजस्थान के लोकसभा चुनाव में आमतौर पर उसी पार्टी को अधिक सीटें मिलती हैं जिसकी राज्य में सरकार होती है. बीते कुछ दशकों से जारी इस रुख का फायदा आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हो सकता है लेकिन राज्य की कम से कम चार सीटें ऐसी हैं जहां 15 साल से यानी तीन लोकसभा चुनावों से बीजेपी का कब्जा है. कांग्रेस इन सीटों में सेंध नहीं लगा पायी है. इन चार सीटों में बीकानेर, चुरू, झालावाड़ और जालोर है. इन चारों पर बीते तीन लोकसभा चुनाव बीजेपी ने जीते हैं.

बीकानेर से केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल उम्मीदवार
बीकानेर सीट पर बीजेपी ने अपने वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को फिर टिकट दिया है. दो बार के सांसद मेघवाल इस सीट पर ‘हैट्रिक’ लगाने उतरे हैं. उनके सामने कांग्रेस ने पूर्व आईपीएस मदन गोपाल मेघवाल को उतारा है जो रिश्ते में अर्जुनराम के मौसेरे भाई हैं. उल्लेखनीय है कि 2004 में बीजेपी ने इस सीट पर अभिनेता धर्मेंद्र को उतारा था और वह जीते. इसके बाद 2009 और 2014 में यहां से अर्जुनराम जीते.

चुरू संसदीय सीट पर कस्वां परिवार का दबदबा
वहीं जाट बहुल वाली चुरू संसदीय सीट पर बीजेपी के लिए बीते 15 साल से कस्वां परिवार का दबदबा रहा है. इस बार बीजेपी ने मौजूदा सांसद राहुल कस्वां को ही मैदान में उतारा है. कस्वां के पिता राम सिंह कस्वां भी इसी सीट से सांसद रहे. कांग्रेस ने इस सीट पर रफीक मंडेलिया को टिकट दिया है. मंडेलिया ने दिसंबर 2018 में विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन वह बीजेपी के राजेंद्र राठौड़ से 1800 मतों के अंतर से हार गए थे. इससे पहले की बात की जाए तो 2009 के लोकसभा चुनाव में मंडेलिया बीजेपी के रामसिंह कस्बा से हार गए थे.

झालावाड़ से वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह मैदान में
झालावाड़ सीट की जहां तक बात की जाए तो दुष्यंत सिंह इस सीट पर लगातार तीन बार जीत चुके हैं. वह चौथी बार चुनाव लड़ रहे हैं. दुष्यंत पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र हैं. कांग्रेस ने इस बार इस सीट पर प्रमोद शर्मा को उतारा है. देखा जाए तो यह सीट राजे परिवार के पास ही रही है क्योंकि 1989 से 2004 तक खुद वसुंधरा राजे लगातार पांच बार इस सीट से जीतीं.

इसी तरह की एक सीट जालोर है. जालोर में भी लगातार तीन लोकसभा चुनाव से बीजेपी का ‘कब्जा रहा है. बीजेपी के मौजूदा सांसद देवी जी पटेल इस सीट पर तीसरी बार बीजेपी के प्रत्याशी हैं. पटेल ने 2009 और 2014 में यह सीट जीती थीं. इससे पहले 2004 में यहां से बीजेपी की बी सुशीला जीती थीं.

ये हैं बीते तीन लोकसभा चुनाव के आंकड़े
बीते तीन लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो कांग्रेस ने 2004 में चार, 2009 में 20 और 2014 में शून्य सीट जीती जबकि बीजेपी के लिए यह आंकड़ा क्रमश: 21, चार और 25 का रहा. राज्य में लोकसभा की कुल 25 सीटें हैं. राज्य में लोकसभा चुनाव दो चरणों में 29 अप्रैल और छह मई को होना है.

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