राहुल के ऑफर के बाद केजरीवाल ने की बैठक, संजय सिंह करेंगे गठबंधन पर ‘मोल-भाव’

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच सीट शेयरिंग के 4-3 फॉर्मुले के बाद गठबंधन की सुगबुगाहट फिर तेज है। राहुल के इस ऑफर के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने आवास पर बैठक की। रिपोर्ट्स के मुताबिक आम आदमी पार्टी ने राहुल के ऑफर के जवाब में ऑफर देने की ही रणनीति बनाई है। इसके तहत पार्टी दिल्ली में कांग्रेस को 3 सीटें देने के बदले हरियाणा में ‘मोल-भाव’ करेगी। केजरीवाल के आवास पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह मौजूदगी में हुई मीटिंग में फैसला हुआ कि आगे गठबंधन के संबंध में ‘आप’ की ओर से संजय सिंह कांग्रेस के नेताओं से बातचीत करेंगे। बैठक के बाद संजय ने पत्रकारों को बताया कि अरविंद केजरीवाल ने मुझे बातचीत के लिए अधिकृत किया है। अब कांग्रेस को बताना है कि उनकी तरफ कौन आधिकारिक बातचीत करेगा? राहुल गांधी समझदार हैं कि गठबंधन की बातचीत ट्विटर पर नहीं बैठक द्वारा होती है।

मनीष सिसोदिया ने बाद में ट्वीट कर कांग्रेस को दिल्ली की दोस्ती को हरियाणा तक बढ़ाने की शर्त के संकेत दिए। उन्होंने लिखा, ‘आप ने कांग्रेस से बात करने के लिए संजय सिंह को अधिकृत किया है। राहुल जी भी कांग्रेस की तरफ से एक ऐसे व्यक्ति को अधिकृत करें जो आप के साथ बैठकर सभी 18 (दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़) सीटों पर बीजेपी को हराने की रणनीति बना सके।’

आप का गठबंधन फॉर्म्युला
सूत्रों के मुताबिक यदि कांग्रेस सिर्फ दिल्ली में ‘आप’ के साथ गठबंधन करती है, तो 2 से ज्यादा सीट अरविंद केजरीवाल देने को तैयार नहीं हैं। यदि कांग्रेस को दिल्ली में 3 सीट चाहिए, तो हरियाणा में ‘आप’ के साथ सीट शेयरिंग करनी होगी। संभव है कि आने वाले समय में कांग्रेस की ओर से गठबंधन पर प्रतिनिधित्व करने वाले के संग भी संजय सिंह यही फॉर्मुला रखेंगे।

कांग्रेस का गठबंधन फॉर्म्युला
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से ‘आप’ को 4 सीट देने को तैयार है, जिसे ‘आप’ के नेताओं ने अव्यवहारिक बताया है। सोमवार को अरविंद केजरीवाल ने राहुल को जवाब दिया था कि आपका ट्वीट दिखाता है कि गठबंधन आपकी इच्छा नहीं मात्र दिखावा है। मुझे दुःख है आप बयानबाजी कर रहे हैं। आज देश को मोदी-शाह के खतरे से बचाना अहम है। दुर्भाग्य कि आप यूपी और अन्य राज्यों में भी मोदी विरोधी वोट बांट कर मोदी जी की मदद कर रहे हैं।

सीटों पर आम आदमी पार्टी का तर्क
राहुल के फॉर्मुले पर संजय ने भी ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा कि पंजाब में ‘आप’ के 4 सांसद, 20 विधायक कांग्रेस एक भी सीट नहीं देना चाहती, हरियाणा जहां कांग्रेस का एक सांसद है, वहां भी कांग्रेस एक सीट नहीं देना चाहती, दिल्ली जहां कांग्रेस के 0 विधायक, 0 सांसद वहां आप हमसे 3 सीट चाहते हैं, क्या ऐसे होता है समझौता? आप दूसरे राज्यों में बीजेपी को क्यों नहीं रोकना चाहते? पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ की 31 सीटों पर समझौता करके आप मोदी के दोबारा सत्ता में लौटने की संभावना को पूरी तरह समाप्त कर सकते हैं कांग्रेस, मोदी जी के सत्ता में लौटने की सम्भावना को क्यों जीवित रखना चाहती है?

कांग्रेस और आप की गठबंधन को लेकर इस हां-ना की उलझन पर बीजेपी जरूर चुटकी ले रही है। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने मीडिया से कहा कि अब गठबंधन के लिए ऐसी उत्सुकता देखकर एक बात तो तय लग रही है कि चोर-चोर मौसेरे भाई हैं। दिल्ली बीजेपी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी गठबंधन को लेकर तंज कसते हुए लिखा, ‘राजनीति इनकी दुकानदारी, वोटर इनके लिए मोहरे। जो कल तक एक-दूसरे को जेल भेज रहे थे, आज जुगलबंदी कर रहे हैं, क्योंकि राजनीति इनकी दुकानदारी है।’

राहुल ने केजरीवाल के पाले में सरकाई थी गेंद
बता दें कि दिल्ली में गठबंधन के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच सोमवार को ऐसा ही हुआ। सबको चौंकाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया – ‘कांग्रेस और AAP के बीच दिल्ली में गठबंधन का मतलब होगा बीजेपी की पूरी तरह हार। इसे तय करने के लिए कांग्रेस दिल्ली में चार सीटें AAP को देने के लिए तैयार है। लेकिन केजरीवाल जी ने एक और यू-टर्न ले लिया है! हमारे दरवाजे अब भी खुले हैं, लेकिन वक्त तेजी से खत्म हो रहा है।’ राहुल ने हैशटैग भी लगाया, #अब AAP की बारी।

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