विरासत की राजनीति का लिटमस टेस्ट, बचे हुए तीन चरणों के चुनाव में दिलचस्प होगा मुकाबला

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पटना : राज्य में चार चरणों का मतदान हो चुका है. अब बचे हुए तीन चरणों के चुनाव में राज्य में विरासत की राजनीति का लिटमस टेस्ट होगा. लोकसभा की आठ सीटों पर कई प्रत्याशी किसी बड़े नेता के बेटे हैं या भाई. पत्नी भी मैदान में हैं. जनता  इन पर कितना भरोसा जताती है, यह तो चुनाव परिणाम बतायेगा. ये अगर सफल होते हैं, तो अपने परिवार या विरासत का राजनीति को आगे बढ़ायेंगे. राज्य की महत्वपूर्ण सीट माने जाने वाली पाटलिपुत्र सीट से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती मैदान में हैं. उनका मुकाबला भाजपा के रामकृपाल यादव से है. मीसा 2014 में भी यहां से चुनाव लड़  चुकी हैं. 2009 में इस सीट से उनके पिता लालू प्रसाद ने भी किस्मत आजमाया था. हालांकि, अब तक लालू परिवार को सफलता नहीं मिली है. वाल्मीकि नगर सीट से कांग्रेस ने शाश्वत केदार को मैदान में उतारा है.  पूर्व मुख्यमंत्री केदार पांडे के  पोते शाश्वत के पिता मनोज पांडे इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. पूर्वी चंपारण सीट से रालोसपा ने आकाश कुमार सिंह को मैदान में उतारा है. इस सीट से उनके पिता अखिलेश सिंह सांसद रहे चुके हैं. सीवान सीट पर राजद ने हिना शहाब को मैदान में उतारा है. इनके पति शहाबुद्दीन सीवान का प्रतिनिधित्व लोकसभा में कर चुके हैं. सासाराम से कांग्रेस की मीरा कुमार मैदान में हैं. वे यहां से सांसद रह चुकी हैं और इनके पिता जगजीवन राम इस सीट का आठ बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. मधुबनी सीट से भाजपा ने अशोक यादव को मैदान में उतारा है. इनके पिता हुकुमदेव नारायण  यादव मधुबनी  सीट का कई बार लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.  हाजीपुर से  नौ बार सांसद रह चुके रामविलास पासवान इस बार मैदान में नहीं हैं. लोजपा ने हाजीपुर सीट पशुपति कुमार पारस को मैदान में उतारा है. महाराजगंज सीट से राजद ने रणधीर सिंह को मैदान में उतारा है. इनके पिता प्रभुनाथ सिंह भी इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.

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