लखनऊ, कांग्रेस उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि उन्होंने अपनी पत्नी पूनम सिन्हा के लिए प्रचार करके कुछ गलत नहीं किया है। पूनम सिन्हा लखनऊ लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) की उम्मीदवार हैं।लखनऊ में कांग्रेस के लिए प्रचार नहीं करने की वजह से आलोचनाओं का सामना कर रहे सिन्हा ने आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में शनिवार को पहली बार मामले को स्पष्ट करते हुए कहा, “मुझे नहीं पता क्यों इस विवाद को अनावश्यक रूप से हवा दिया गया।”

उन्होंने कहा, “जब पिछले महीने मैं कांग्रेस में शामिल हुआ था, मैंने पार्टी नेतृत्व को कहा था कि मैं अपनी पत्नी को समर्थन करूंगा और उनके लिए प्रचार करूंगा और उन्होंने सहमति जताई थी।”

सिन्हा ने कहा कि उन्होंने इस बारे में लखनऊ कांग्रेस के उम्मीदवार आचार्य प्रमोद कृष्णम के विरोध को सुना था, लेकिन ‘पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में से किसी ने भी मुझसे इस मुद्दे पर बातचीत नहीं की, क्योंकि वे सभी तथ्यों को जानते हैं।’

उन्होंने कहा, “यहां तक कि समाजवादी पार्टी को भी सूचित किया गया है कि छह मई को एकबार जब लखनऊ का चुनाव समाप्त हो जाएगा, मेरी पत्नी भी मेरे लिए पटना में प्रचार करेगी और उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, हमेशा परिवार पहले होना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “मैंने लखनऊ में चुनाव प्रचार करके पति-धर्म निभाया है और पूनम पटना में मेरे लिए प्रचार करके पत्नी-धर्म निभाएंगी।”

सिन्हा ने कहा, “मुझे कई महीने पहले समाजवादी पार्टी की तरफ से लखनऊ सीट की पेशकश की गई थी, लेकिन मैंने लोगों से पहले ही वादा कर दिया था कि मैं चुनाव के लिए अपना स्थान नहीं बदलूंगा, जोकि पटना साहिब है।”

बिहार के पटना साहिब में सिन्हा केंद्रीय मंत्री रविशंकर का सामना कर रहे हैं और कहा जा रहा है कि मुकाबला कांटे का है।

उन्होंने कहा, “मैं अब पटना में रहूंगा, जोकि मेरा घर है। जब मैंने पांच दशक पहले मुंबई में फिल्म में काम करना शुरू किया था, मैंने पटना से अपना संबंध बनाए रखा। मैं लगातार पटना का दौरा करता रहूंगा और लोग वहां मेरे साथ एक परिवार की तरह व्यवहार करते हैं। उनके लिए मैं ‘बिहारी बाबू’ हूं।”

यह पूछे जाने पर कि क्या वह कांग्रेस के लिए भी प्रचार करेंगे? सिन्हा ने कहा, “मैं कांग्रेस के लिए देशभर में प्रचार कर रहा हूं और जब भी, जहां भी जरूरत होगी मैं प्रचार के लिए उपलब्ध रहूंगा।”

प्रचार के बारे में पूछे जाने पर सिन्हा ने कहा, “निश्चित हूं, मैं अपनी कहानी के बारे में अपने पक्ष को सामने रखूंगा कि मैं क्यों लगभग तीन दशकों के बाद भाजपा से अलग हो गया, क्योंकि प्रापेगेंडा मशीन में बहुत सारा बकवास है।”

उन्होंने कहा, “मैं बदलाव की जरूरत और मेरी पार्टी कांग्रेस की महत्ता के बारे में रेखांकित करूंगा। मैं कभी भी नकारात्मक प्रचार में संलिप्त नहीं होता हूं, लेकिन अगर कोई मुझपर कीचड़ उछालेगा तो, मुझे इसे हटाने का अधिकार है।”

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