चमकी बुखारः राबड़ी देवी ने केंद्र और राज्य सरकार पर बोला हमला, कहा- बिहार के अस्पताल के दवाखानों में दवा के बदले कफ़न रखे हैं

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पटनाः बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. अभी तक 129 बच्चों की मौत हो चुकी है. बच्चों की मौत पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने केंद्र और बिहार सरकार पर करारा हमला बोला है. बच्चों की मौत के लिए केंद्र और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए राबड़ी देवी ने कहा कि पिछले 14 साल से सरकार क्या कर रही थी.

ट्वीट कर राबड़ी देवी ने कहा, ”14 बरस से ई लोग बिहार में राज कर रहा है. हर साल बीमारी से हज़ारों बच्चे मरते है लेकिन बताते सैंकड़ों है. फिर भी रोकथाम का कोई उपाय नहीं, समुचित टीकाकरण नहीं. दवा और इलाज का सारा बजट ईमानदार सुशासनी घोटालों की भेंट चढ़ जाता है. बिहार का बीमार स्वास्थ्य विभाग ख़ुद ICU में है.”

उन्होंने कहा, ”केंद्र और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री कुतर्क गढ़ रहे है. एक कहता है मैं मंत्री हूँ, डॉक्टर नहीं. मरते बच्चे क़िस्मत का खेल है. और फिर उसी क़िस्मत को लात मार बिस्कुट खाते बेशर्मी से मैच का स्कोर पूछता है. एक प्रेस मीटिंग में ही सो रहे है. लिची को दोषी बताते है. भगवान की आपदा बताते है.”

एक अन्य ट्वीट में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”बिहार में डबल इंजन की सरकार है. इतनी मौतों के बाद अब केंद्र और प्रदेश के मंत्री क्या नृत्य करने चार्टर फ़्लाइट्स से मुज़फ़्फ़रपुर जा रहे है? जब अस्पताल के दवाखानों में दवा की जगह कफ़न रखे है, डॉक्टर नहीं है तो क्यों नहीं बीमार बच्चों को Air-Ambulance से दिल्ली ले जाते?”

उन्होंने कहा, ”एनडीए सरकार की घोर लापरवाही, कुव्यवस्था सीएम की महामारी को लेकर अनुत्तरदायी, असंवेदनशील और अमानवीय अप्रोच, लचर व भ्रष्ट व्यवस्था, स्वास्थ्य मंत्री के ग़ैर-ज़िम्मेदाराना व्यवहार एवं भ्रष्ट आचरण के कारण ग़रीबों के 1000 से ज़्यादा मासूम बच्चों की चमकी बुखार के बहाने हत्या की गयी है.”

बच्चे की मौत को लेकर मानवाधिकार आयोग ने बयान जारी कर बताया कि आयेाग ने केंद्रीय स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय के सचिव और बिहार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

लगातार बढ़ रही है मौत की संख्या

बता दें कि मुजफ्फरपुर जिले में सोमवार को छह बच्चों की मौत हो गई जिससे एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिंड्रोम के संदिग्ध मामले से मरने वाले बच्चों की संख्या 104 हो गई है.

जिला प्रशासन की तरफ से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक जिले के केजरीवाल अस्पताल में 18 बच्चों की मौत हुई है जबकि श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है.

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