सेंसेक्स में 407 अंकों की भारी गिरावट, निफ्टी भी लुढ़का

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मुंबई, घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को बिकवाल के दबाव के कारण भारी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 407.14 अंकों यानी 1.03 फीसदी लुढ़क कर 39,194.49 पर बंद हुआ और एनएसई का प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी भी 107.65 अंकों की गिरावट के साथ 11,724.10 पर बंद हुआ। व्यापार-जंग और भूराजनीतिक दबाव के कारण कारोबारी रुझान कमजोर रहा जिससे कारण बिकवाली का भारी दबाव आने के से प्रमुख संवेदी सूचकांकों ने गोते लगाए। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आई तेजी और देसी मुद्रा रुपये में आई कमजोरी का भी बाजार पर असर दिखा।

बंबई स्टॉक एक्सचेंच (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह नौ बजे मजबूती के साथ 39,608.25 पर खुला और 39,617.95 तक उछला। लेकिन, उसके बाद बिकवाली का दबाव आने के कारण कारोबार के दौरान सेंसेक्स लुढ़ककर 39,121.30 तक आ गया। सेंसेक्स पिछले सत्र में जबरदस्त तेजी के साथ 39,601.63 पर बंद हुआ था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी कमजोरी के साथ 11,827.60 पर खुला और 11,827.95 तक उठा, लेकिन इसके बाद गिरावट आ गई और सूचकांक लुढ़क कर 11705.10 पर आ गया। कारोबार के आखिर में निफ्टी पिछले सत्र के मुकाबले 107.65 अंकों यानी 0.91 फीसदी की गिरावट के साथ 11,724.10 पर बंद हुआ। निफ्टी पिछले सत्र में तेजी के साथ 11,831.75 पर बंद हुआ था।

बीएसई मिडकैप सूचकांक 55.51 अंकों यानी 0.38 फीसदी की कमजोरी के साथ 14,624.59 पर बंद हुआ, मगर स्मॉलकैप सूचकांक 19.38 अंकों यानी 0.14 फीसदी की तेजी के साथ 14,084.24 पर बंद हुआ।

बीएसई के 19 सेक्टरों में से 17 में गिरावट रही जबकि दो सेक्टरों के सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई के सबसे ज्यादा गिरावट वाले सेक्टरों में ऑटो (1.32 फीसदी), ऊर्जा (1.13 फीसदी), दूरसंचार (1.08 फीसदी), एफएमसीजी (0.91 फीसदी) और हेल्थकेयर (0.84 फीसदी) शामिल रहे। वहीं, बेसिक मेटेरियल्स (0.14 फीसदी) और पावर (0.10 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।

भारतीय मुद्रा रुपये में भी डॉलर के मुकाबले कमजोरी रही। डॉलर के मुकाबले रुपया पिछले सत्र से 31 पैसे की कमजोरी के साथ 69.75 पर खुला और 13 पैसे की कमजोरी के साथ 69.57 पर बंद हुआ। 

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में पिछले सत्र में रही तेजी के कारण देसी मुद्रा पर दबाव आया है।

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