शतरंज महासंघ करेगी अपने कानूनी खर्चे में कटौती

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चेन्नई, अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) के एक सीनियर अधिकारी ने कहा है कि बोर्ड अपने कानूनी खर्चो में कटौती करेगा, जो बीते साल ऊपर चढ़ गए थे। एआईसीएफ की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च तक जो खाते बनाए गए हैं, उनमें कानूनी कामों पर 33,82,585 रुपये का खर्च आया है जो बीते वित्तीय साल के खर्च 25,92,608 रुपये से ज्यादा है।

शतरंज टूर्नामेंट का आयोजन करने वाले इसी खेल के एक खिलाड़ी ने आईएएनस से कहा, “33 लाख की कीमत के साथ कोई भी एक ग्रैंड मास्टर स्तर का टूर्नामेंट आयोजित करा सकता है और स्पांसरशिप से भी फंड इकट्ठा कर सकता है।”

उन्होंने कहा, “यह कायदे से कानूनी खर्चे नहीं हैं बल्कि अहम को लेकर किए गए खर्चे हैं।”

वित्तिय वर्ष खत्म होने के बाद एआईसीएफ की मौजूदा आय 8.41 करोड़ रुपये निकली है जो बीते वित्तिय वर्ष से 7.59 करोड़ ज्यादा हैं। 

एआईसीएफ के सचिव भारत सिंह चौहान ने भी माना कि बोर्ड के कानूनी खर्चे ज्यादा हो रहे हैं। 

उन्होंने आईएएनएस से कहा, “कानूनी खर्चे किसी भी संस्था में टाले नहीं जा सकते। एआईसीएफ को अपने आप को बचाने और अपने नियमों को लागू करने के लिए कार्य करने की जरूरत होती है।”

चौहान के मुताबिक, कुछ राज्य शतरंज संघ हैं जो खिलाड़ियों से बड़ी रकम ले रही हैं और एआईसीएफ का उधार चुकता नहीं कर रही हैं और इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। 

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