नहीं माने राहुल: नए अध्यक्ष की तलाश शुरू, दो दलित चेहरों की रेस में सुशील कुमार शिंदे सबसे आगे

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नई दिल्ली: राहुल गांधी की जगह कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन होगा, इस सवाल पर से इस हफ्ते पर्दा उठ सकता है. एबीपी न्यूज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस पार्टी जल्द सीडब्ल्यूसी की बैठक बुला सकती है जिसमें नए अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगेगी. सूत्रों के मुताबिक सुशील कुमार शिंदे और मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम अगले कांग्रेस अध्यक्ष की दौर में सबसे आगे चल रहा है. ऐसा हुआ तो 21 साल बाद गांधी परिवार के बाहर का कोई नेता कांग्रेस अध्यक्ष बनेगा.

कांग्रेस के उच्च सूत्रों से एबीपी न्यूज को जानकारी मिली है कि पिछले दिनों कुछ नेताओं ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी जिसमें उन नेताओं ने सोनिया से राहुल को मनाने का अनुरोध किया. सूत्रों के मुताबिक इसके जवाब में सोनिया गांधी ने कोई दखल देने से इनकार करते हुए कहा कि ये राहुल का फैसला है, पार्टी के नए अध्यक्ष की घोषणा जल्द हो जाएगी.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक अध्यक्ष के लिए जिन चार-पांच नामों पर विचार हो रहा है उनमें दलित समुदाय से आने वाले कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता रेस में सबसे आगे हैं. पहला नाम है पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे का और दूसरा पिछली लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे.

शिंदे महाराष्ट्र से आते हैं जहां कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में शिंदे की दावेदारी ज्यादा प्रबल दिख रही है. हालांकि इन दो नेताओं के अलावा भी कुछ अन्य नामों पर विचार किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी निजी काम से विदेश में हैं. उनके भारत लौटने के कार्यक्रम के अनुसार सीडब्ल्यूसी की तारीख का एलान हो सकता है जिसमें नए कांग्रेस अध्यक्ष का एलान होगा.

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी. हालांकि सीडब्ल्यूसी ने राहुल का इस्तीफा नामंजूर कर दिया था लेकिन राहुल अपने फैसले पर कायम हैं. उन्हें मनाने के लिए पार्टी के नेता कार्यकर्ता काफी कोशिश कर रहे हैं.

सोमवार को सभी कांग्रेस मुख्यमंत्रियों ने राहुल से पद पर बने रहने की अपील की. राहुल को मनाने के लिए कांग्रेस के युवा पदाधिकारी इस्तीफा दे रहे हैं और कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन इनसब से राहुल गांधी का निर्णय नहीं बदला है. राहुल गांधी 2017 में पार्टी के अध्यक्ष बने थे. उससे पहले 19 साल तक उनकी मां सोनिया गांधी ने पार्टी की कमान संभाली थी.

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