राष्ट्रपति ने कहा- अमेरिका धमकाना बंद करे और प्रतिबंध हटाए, हम बातचीत के लिए तैयार

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  • ईरान ने पिछले महीने अमेरिका के खुफिया ड्रोन को मार गिराया था, दोनों देशों के बीच तनाव
  • अमेरिका ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई और सेना के 8 शीर्ष सैन्य कमांडरों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाया था

मॉस्को. ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने रविवार को कहा कि अगर अमेरिका सारे प्रतिबंध हटा देता है तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं। रूहानी ने कहा कि अमेरिका हमें धमकाना बंद करे। ईरान ने अब संयम छोड़कर जवाबी कार्रवाई की नीति अपना ली है। परमाणु समझौते से जुड़े किसी भी कदम का सख्ती से जवाब देंगे। पिछले महीने ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों में विस्फोट और ईरान के अमेरिकी खुफिया ड्रोन को मार गिराने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव है।

इससे पहले जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते के तहत संयुक्त कार्रवाई योजना (जेसीपीओए) के सभी सदस्यों की बैठक बुलाने का आह्वान किया। इन देशों के मुताबिक, अमेरिका के लगातार ईरान पर प्रतिबंध लगाने और ईरान के इस समझौते के प्रावधानों को तोड़ने के कारण खतरा बढ़ता जा रहा है।

ईरान ने यूरेनियम संवर्धन 4.5% किया

ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते के तहत यूरेनियम संवर्द्धन की 3.67% की तय सीमा को पार कर इसे 4.5% तक कर लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले साल 8 मई को ईरान परमाणु समझौते से अपने देश को अलग कर लिया था। इसके बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते तल्ख हो गए। इस समझौते के प्रावधानों को लागू करने को लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है।

2015 में ईरान ने अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत ईरान ने उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर सहमति जताई थी।

ईरान ने अमेरिका के जासूसी ड्रोन को मार गिराया था

पिछले महीने ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों में विस्फोट और ईरान के अमेरिकी खुफिया ड्रोन को मार गिराने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद अमेरिका ने ईरान के मिसाइल कंट्रोल सिस्टम और जासूसी नेटवर्क पर कई बार साइबर हमले किए थे। इससे पहले ट्रम्प ने ट्वीट कर कहा था- ‘‘ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते! ओबामा की खतरनाक योजना के तहत वे बहुत ही कम सालों में न्यूक्लियर के रास्ते पर आ गए। अब बगैर जांच के यह स्वीकार्य नहीं होगा। हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब ईरान से प्रतिबंध हट जाएंगे और वह फिर से एक समृद्ध राष्ट्र बन जाएगा।’’

ईरान ने कहा था- कभी अमेरिका के आगे नहीं झुकेंगे

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत माजिद तख्त रवांची ने कहा था कि अमेरिका जब तक ईरान को प्रतिबंधों के दबाव की धमकी देता रहेगा, ईरान उसके साथ वार्ता नहीं करेगा। हम दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर दबाव डाला है। उसने हम पर और प्रतिबंध लगाए हैं। जब तक उसकी यह रणनीति रहेगी तब तक ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत नहीं हो सकती।

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