संगीत नाटक अकादमी फेलो के लिए जाकिर, सोनल सहित 4 का चयन

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नई दिल्ली,कला प्रदर्शन के क्षेत्र में संगीत नाटक अकादमी ने चार प्रमुख हस्तियों के नाम शामिल किए हैं, जिनमें मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन, नृत्यांगना सोनल मानसिंह, भारतीय नर्तक व कोरियोग्राफर जतिन गोस्वामी और भरतनाट्यम के गुरू के. कल्याणसुंदरम पिल्लई शामिल हैं। इन चारों के नाम प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी फेलो या अकादमी रत्न पुरस्कार के लिए लिया गया है।

एक प्रेस बयान में मंगलवार को कहा गया कि असम के गुवाहाटी में 26 जून को अकादमी ने अपने बैठक में इनके नामों का चयन किया। अकादमी की फेलोशिप एक बहुत ही प्रतिष्ठित और गैरमामूली सम्मान की बात है जो एि गए किसी भी समय पर 40 नंबरों तक सीमित है।

सामान्य परिषद ने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (2018) के लिए संगीत, नृत्य, रंगमंच, पारंपरिक/लोक संगीत/आदिवासी संगीत/ नृत्य/रंगमंच/कठपुतली के खेल और कला प्रदर्शन में समग्र सहयोग/छात्रवृत्ति, इन सभी क्षेत्रों से 44 कलाकारों का चयन किया है।

संगीत के क्षेत्र में ग्यारह प्रमुख कलाकारों का चयन किया गया है : मणि प्रसाद – भारतीय शास्त्रीय संगीत के गायक, मधुप मुद्गल – हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत गायक, तरुण भट्टाचार्य – संतूरवादक, तजेंद्र नारायण मजूमदार – सरोदवादक, अलामेलु मणि-कर्णाटकीय शास्त्रीय संगीत, मल्लदी सुरिबू कर्नाटक गायक, एस कासिम और एस. बाबू (संयुक्त पुरस्कार) – कर्नाटक वाद्य यंत्र – नागास्वरम; गणेश और कुमारेश (संयुक्त पुरस्कार) – कर्नाटक वाद्य वायलिन, सुरेश वाडेकर – संगीत की अन्य प्रमुख परंपराएं- सुगम संगीत, शांति हीरानंद – संगीत की अन्य प्रमुख परंपराएं- सुगम संगीत, एच. असंगबी देवी – संगीत की अन्य प्रमुख परंपराएं – नाटा संकीर्तन, मणिपुर।

नृत्य के क्षेत्र में नौ प्रतिष्ठित कलाकारों का चयन किया गया है : भरतनाट्यम के लिए राधा श्रीधर, कथक के लिए इशिरा और मौलिक शाह (संयुक्त पुरस्कार), मणिपुरी के लिए अखम लक्ष्मी देवी, कुचिपुड़ी के लिए पसुमूर्ति रामलिंगा शास्त्री, ओडिसी के लिए सुरूप सेन; सात्त्रिया के लिए टंकेश्वर हजारिका बोरबयान, मोहिनीअट्टम के लिए गोपिका वर्मा, छऊ के लिए तपन कुमार पट्टनायक, समकालीन नृत्य के लिए दीपक मजूमदार।

रंगमंच के क्षेत्र में नौ प्रतिष्ठित कलाकारों का चयन किया गया है : नाटक लेखन के लिए राजीव नायक, नाटक लेखन के लिए लालटुलांग्लियाना खियांगटे, निर्देशन के लिए संजय ए उपाध्याय, निर्देशन के लिए एस. रघुनंदन, अभिनय के लिए सुहास जोशी, अभिनय के लिए टीकम जोशी, माइम के लिए स्वपन नंदी, भागवत ए.एस. नंजप्पा – रंगमंच की अन्य प्रमुख परंपराएं – यक्षगान, ए. एम.परमेस्वरन कुट्टन चककियार – रंगमंच की अन्य प्रमुख परंपराएं- कुटियाट्टम।

पारंपरिक / लोक / आदिवासी संगीत / नृत्य / थिएटर और कठपुतली के क्षेत्र में दस कलाकारों का चयन किया गया है : उत्तर प्रदेश के लोक संगीत के लिए मालिनी अवस्थी, लोक संगीत खरताल के लिए गाजी खान बरना, राजस्थान के लिए नरेंद्र सिंह।

नेगी, लोक गीत, उत्तराखंड से मोहम्मद सादिक भगत, लोक रंगमंच (भांड पाथेर), जम्मू और कश्मीर से कोटा सचिदानंद शास्त्री, हरिकथा, आंध्र प्रदेश से अर्जुन सिंह ध्रुव, मध्य प्रदेश से लोक नृत्य के लिए सोमनाथ बट्ट, हिमाचल प्रदेश से लोक संगीत के लिए अनुपमा होस्केरे, कठपुतली (स्ट्रिंग), कर्नाटक से हेम चंद्र गोस्वामी, मास्क मेकिंग, असम।

दीवान सिंह बाजेली और पुरु दाधीच का चयन प्रदर्शन कला में समग्र योगदान / छात्रवृत्ति के क्षेत्र में किया गया है।

अकादमी फेलो के सम्मान में तीन लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी, जबकि अकादमी पुरस्कार में एक लाख रुपये सहित एक ताम्रपत्र और अंगवस्त्रम शामिल है।

एक विशेष समारोह में भारत के राष्ट्रपति द्वारा कलाकारों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

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