सावधान: अब शराब पीकर चलाई गाड़ी तो 10 हजार, बिना हेल्मेट 1 हज़ार जुर्माना, पढ़ें- जुर्माने की पूरी लिस्ट

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नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज लोकसभा में मोटर वाहन संशोधन बिल को पेश किया. देश में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बिल में कई कदम उठाए गए हैं. रोड सेफ्टी से जुड़े हुए कई नियमों को सख्त करने के साथ-साथ, नियमों को तोड़ने पर जुर्मानें में भी अच्छी खासी वृद्धि की गई है. बता दें कि मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक पहली बार 2016 में लाया गया था.

नितिन गड़करी ने ट्रैफिक उल्लंघन, ड्राइविंग लाइसेंस और टैक्सी एग्रीगेटर्स की परिभाषा जैसे कई नियमों की तरफ ध्यान दिया गया है. हम आपको बताते है कि इस विधेयक में क्या-क्या खास प्रस्ताव किए गए हैं.

(1) सीटबेल्ट या हेलमेट नहीं पहनने पर जुर्माना 100 रुपये से बढ़कर वर्तमान में 1,000 रुपये हो जाएगा.

(2) ओवर-स्पीडिंग के लिए जुर्माना मौजूदा 500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये किया जाएगा.

(3) शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना 2,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया जाएगा.

(4) आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता नहीं देने पर 10,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

(5) देश में कुल ड्राइविंग लाइसेंस में से 30 फीसदी को फर्जी बताया है.

(6) संशोधन में यह भी कहा गया है कि ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण के लिए आवेदन करने के लिए आधार संख्या का उपयोग अनिवार्य होगा.

(7) वर्तमान में, ड्राइविंग लाइसेंस 20 साल के लिए वैध है और बिल का उद्देश्य वैधता को 10 साल तक कम करना है.

(8) 55 साल की उम्र के बाद अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने वाले लोगों की वैधता केवल पांच साल होगी.

(9) लाइसेंस की वेलिडिटि खत्म होने के बाद एक साल तक रिन्यू किया जा सकता है.

(10) भारत की राज्य सरकारें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के आधार पर एग्रीगेटर्स को लाइसेंस प्रदान करेंगी

(11) एग्रीगेटर्स को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 का अनुपालन करना भी आवश्यक होगा.

(12) सड़क हादसे में मारे गए लोगों की मुआवजा राशि 5 लाख और गंभीर रूप से घायलों की 2.5 लाख की गई है.

(13) सड़क के गड्ढों और उनके रखरखाव की चूक से होने वाली दुर्घटना के लिए ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी.

(14) अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है तो गाड़ी मालिक या उसके परेंट को दोषी माना जाएगा. इसके लिए 25,000 का जुर्माना या 3 साल की सजा का प्रावधान है. इसके साथ ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है.

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