कर्नाटक संकट: राज्यपाल ने स्पीकर को पत्र लिख कर कहा, आज ही कराएं विश्वास मत परीक्षण

0
193

बेंगलुरू: कर्नाटक में सियासी ड्रामा जारी है. आज विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पर जारी बहस के बीच राज्यपाल वजुभाई वाला ने स्पीकर रमेश कुमार को पत्र लिखा है. राज्यपाल का संदेश स्पीकर ने विधानसभा में पढ़ा. जिसमें लिखा था, ”विश्वास मत परीक्षण आज ही पूरा किया जाए.”

राज्यपाल के संदेश पर सत्तारूढ़ कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई. कांग्रेस ने कहा कि आज तक राज्यपाल की तरफ से ऐसा संदेश कभी नहीं गया, आज क्यों? कांग्रेस नेता एचके पाटिल ने कहा, ”राज्यपाल का प्रतिनिधि सदन में मौजूद है, हम उनका स्वागत करते हैं. लेकिन राज्यपाल को सदन की कार्यवाही में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए.”

वहीं बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि 12 बजे रात तक भी चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन कर्नाटक ट्रस्ट वोट आज होना चाहिए और बहुमत आज ही तय किया जाना चाहिए.

इससे पहले मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने विधानसभा में विश्वास मत का प्रस्ताव पेश किया. विश्वास मत का प्रस्ताव पेश करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि बागी विधायकों ने गठबंधन सरकार को लेकर पूरे देश में संदेह पैदा कर दिया और ‘‘हमें सच्चाई बतानी है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘पूरा देश कर्नाटक के घटनाक्रम को देख रहा है.’’

विश्वास मत प्रस्ताव पेश किये जाने के बाद से इसपर चर्चा हो रही है. इस दौरान भारी हंगामा देखने को मिला. कई बार सदन को स्थगित करना पड़ा. कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के 16 विधायकों के सामूहिक इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री कुमारस्वामी की सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं.

जैसे ही सदन में विश्वास मत का प्रस्ताव पेश किया गया विपक्षी बीजेपी नेता बी एस येदियुरप्पा ने खड़े होकर कहा कि विश्वास मत की प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी की जानी चाहिए. कुमारस्वामी ने येदियुरप्पा पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘लगता है नेता प्रतिपक्ष जल्दबाजी में हैं.’’

सत्तारूढ़ दल की मुश्किलें और बढ़ी
सत्तारूढ़ गठबंधन की मुश्किलें उस वक्त और बढ़ गईं जब कांग्रेस के एक अन्य विधायक श्रीमंत पाटिल सदन से गैर-हाजिर दिखे. उनके बारे में ऐसी खबरें आ रही हैं कि उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. गौरतलब है कि 12 बागी विधायक मुंबई के ही एक होटल में ठहरे हुए हैं.

कांग्रेस-जेडीएस सरकार को समर्थन दे रहे बसपा विधायक महेश भी सदन में नहीं आए. उनके बारे में खबरें आ रही हैं कि वह सदन से गैर-हाजिर इसलिए हैं क्योंकि उन्हें विश्वास मत पर कोई रुख तय करने को लेकर पार्टी प्रमुख मायावती से कोई निर्देश नहीं मिला है.

शक्ति परीक्षण से एक दिन पहले गठबंधन को थोड़ी राहत देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रामालिंगा रेड्डी ने कहा कि वह कांग्रेस के साथ रहेंगे और विश्वास मत पर मतदान के दौरान सरकार का समर्थन करेंगे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.