मप्र : बच्चा चोरी के शक में हिंसक होती भीड़, पुलिस ने अफवाह फैलाने वालों को चेताया

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भोपाल, मध्य प्रदेश में बच्चा चोरी की अफवाहों के चलते अनजान लोगों को भीड़ निशाना बना रही है। बीते तीन दिनों में कई स्थानों पर ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने इन घटनाओं के पीछे सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाओं को जिम्मेदार मान रही है, और उसने अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। राज्य में बच्चा चोरी की अफवाहों के चलते मॉब लिंचिंग (भीड़ की हिंसा) की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे पुलिस मुख्यालय से लेकर जिला स्तर के अधिकारी तक चिंतित और परेशान हैं। हर रोज किसी अनजान व निर्दोष को पीटे जाने की खबरें सामने आ रही हैं। 

टीकमगढ़ जिले में सोमवार को भीड़ ने एक भीखारी महिला को बच्चा चोर मानकर घेर लिया और उसकी पिटाई कर दी। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने संवाददाताओं से कहा, “बच्चा चोरी के शक में सोमवार को दो स्थानों -मोटे का मोहल्ला और पुरानी टेहरी क्षेत्र- पर भीड़ द्वारा लोगों को घेर लेने की खबर आई थी। लोगों को सलाह दी गई है कि अगर कोई अनजान व्यक्ति नजर आए तो उसकी सूचना पुलिस को दें, कानून को अपने हाथ में न लें। जो ऐसा करेगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।”

इसी तरह का वाकया रविवार को सागर जिले में हुआ, जहां एक महिला को बच्चा चोर समझकर लोगों ने पीट दिया। पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने संवादादताओं से कहा है, “बच्चा चोर गिरोह की अफवाह फैलाई जा रही है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग कमेंट्स भी कर रहे हैं। यह सिर्फ अफवाह है। इस तरह का जिले में न तो गिरोह है और न ही लोग सक्रिय हैं। अगर किसी को संदिग्ध गतिविधि या कोई दिखाई देता है तो इसकी सूचना पुलिस के नजदीकी थाने को दें।”

खरगोन के पुलिस अधीक्षक सुनील पांडेय ने बच्चा चोर गिरोह की अफवाह पर लोगों को परामर्श देते हुए कहा, “गत दिनों सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल हुआ है कि जिले में ऐसे गिरोह का प्रवेश हुआ है, जो बच्चों को अगवा कर रहा है। यह संदेश कोरी अफवाह है। अगर कोई ऐसी अफवाह फैलाता है तो उसकी सूचना पुलिस को दी जाए।”

राज्य में बच्चा चोरी की अफवाहों के चलते मॉब लिंचिंग (भीड़ की हिंसा) की घटनाओं को लेकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलीजेंस) कैलाश मकवाना ने रविवार को सभी जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भेजे हैं। उन्होंने कहा था, “बच्चा चोरी जैसी अफवाहों से लोग परेशान न हों, इसके लिए जनजागरूकता भी जरूरी है। इसीलिए खासतौर पर सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। साथ ही मॉब लिचिग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं।”

उल्लेखनीय है कि इससे पहले इंदौर, भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, नरसिंहपुर आदि स्थानों पर बच्चा चोरी के शक मे भीड़ कई लोगों को निशाना बना चुकी है। 

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