राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ रहे हैं गैर-जघन्य अपराध

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नई दिल्ली, दिल्ली पुलिस के अपराध आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में 2019 में 15 जुलाई तक गैर-जघन्य अपराध के कुल 1,56,714 मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2018 में यह आंकड़ा 1,22,498 था। इसमें 27.93 फीसद की वृद्धि देखने को मिली है। पुलिस के डेटा के अनुसार, दिल्ली में हत्या के मामले बढ़े हैं।

डेटा से पता चलता है कि साल 2019 में जुलाई 15 तक हत्या के 238 मामले दर्ज किए गए। पिछले साल इसी अंतराल तक यह आंकड़ा 250 था। 

हालांकि, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि 15 जुलाई तक मोटर वाहन चोरी में 4.26 प्रतिशत वृद्धि और अन्य चोरी के मामलों में 50 प्रतिशत वृद्धि को छोड़ दिया जाए, तो सभी प्रमुख आकंड़ों के अनुसार दिल्ली में अपराधों की संख्या में गिरावट आई है। 

इस साल 15 जुलाई तक मोटर वाहर चोरी के 24944 मामले दर्ज हुए। पिछले साल यही आंकड़ा 23923 था। 

दूसरे चोरी के मामले अभी तक 102123 हैं, वहीं 2018 में यह संख्या 67760 थी। 

इस साल 15 जुलाई तक सभी में, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत 159649 मामले दर्ज किए गए थे। 2018 में यह संख्या 125669 थी। 

आंकड़ों से यह भी पता चला है कि स्नैचिंग के मामलों में 1.5 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई है।

इस वर्ष 15 जुलाई तक, 2018 में 3524 के मुकाबले 3577 मामले सामने आए।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेजी देखी जा रही है। इस साल 15 जुलाई तक पति और ससुराल से प्रताड़ना संबंधी 1936 मामले दर्ज हुए। वहीं 2018 में यह आंकड़ा 1471 था। 

महिलाओं के खिलाफ हुए 90 प्रतिशत अपराधों में यह देखा गया कि आरोपी पीड़िता को जानने वाला था। 

अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में अपराध बढ़ने का एक बड़ा कारण यह है कि जेजे समूहों और अनाधिकृत कालोनियों में रहने वाले बेरोजगार युवा, अमीर लोगों की जीवनशैली से प्रभावित हैं। वे रुपये कमाने के लिए ऐसी गतिविधियों का सहारा लेते हैं।

वे कम समय में अमीर बनना चाहते हैं, इसलिए वे स्नैचिंग और डकैती जैसे कामों को करने के लिए प्रेरित होते हैं। 

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