जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के खिलाफ पाकिस्तानी संसद में प्रस्ताव पेश

0
120

इस्लामाबाद, भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू एवं कश्मीर को दिए गए विशेष दर्जे को वापस लिए जाने के खिलाफ पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र में मंगलवार को एक प्रस्ताव पेश किया गया। सत्र की शुरुआत पाकिस्तान के संसदीय मामलों के संघीय मंत्री आजम खान स्वाती ने कश्मीर घाटी में भारतीय कदम की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया।

सत्र के एजेंडे में अनुच्छेद 370 में संशोधन से संबंधित एक खंड को न जोड़े जाने को लेकर विपक्ष ने विरोध जताया, जिसके लिए सत्र को 20 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।

विपक्ष के हंगामे के बाद सीनेटर स्वाती ने सदन के समक्ष संशोधित प्रस्ताव पेश किया, जिसमें अनुच्छेद 370 का उल्लेख था। 

पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के प्रधानमंत्री राजा फारूक हैदर भी आज (मंगलवार) संसद में मौजूद रहे। सत्र की अध्यक्षता नेशनल असेंबली के स्पीकर असद कैसर ने की। पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी, रेल मंत्री शेख रशीद, मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी और नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ संसद में उपस्थिति रहे।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि इमरान खान संसद के संयुक्त सत्र में भाग ले सकते हैं। 

विपक्ष ने मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी द्वारा के वक्तव्य का विरोध किया और प्रधानमंत्री इमरान खान और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को इस मुद्दे पर सदन को संबोधित करने की मांग की। 

विपक्ष के नेताओं ने यह भी मांग की कि उनके प्रमुख नेताओं को उपस्थित होने के लिए आदेश जारी किए जाएं, ताकि वे भी संसद के संयुक्त सत्र में भाग ले सकें।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने भारत द्वारा जम्मू एवं कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत प्रदत्त विशेष दर्जे को समाप्त किए जाने के बाद कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए संसद का संयुक्त सत्र बुलाया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.