सुषमा स्वराज : ‘आम आदमी की विदेश मंत्री’

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मुंबई, भाजपा की कद्दावर नेता एवं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार की रात निधन होने के बाद कई लोगों ने उनके साथ की यादें ताजा की हैं। लोगों ने उनके विदेश मंत्री के कार्यकाल को बेहतरीन बताते हुए कुछ भावुक यादें साझा कीं।

इनमें एक युवक हामिद अंसारी का परिवार भी शामिल है, जिसने जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में छह साल बिताए और 18 दिसंबर, 2018 को उसे रिहा किया गया। हामिद 11 नवंबर, 2012 को पाकिस्तान में लापता हो गया था।

हामिद के पिता नेहल अंसारी ने सुषमा को याद करते हुए कहा, “सुषमा जी हामिद को सुरक्षित घर पहुंचाने में हमारी मदद करने के लिए एक निर्धारित रास्ते से भी अलग चली गई थीं।”

नेहल अंसारी ने आईएएनएस को बताया, “सुषमा जी ने अपनी कोशिशों के दौरान मेरे बेटे के बारे में पाकिस्तानी अधिकारियों को 96 अधिकारिक पत्र लिखे। उन्होंने हमेशा हमारी सभी अपील का सकारात्मक जवाब दिया और आखिरकार मेरे बेटे को उनके हस्तक्षेप के बाद मुक्त कर दिया गया।”

अंसारी परिवार ने उन अंधकार भरे दिनों के दौरान सुषमा स्वराज से नई दिल्ली में उनके कार्यालय में लगभग एक दर्जन बार मुलाकात की। वे उस समय हामिद को रिहा करने के लिए पाकिस्तान सरकार से संघर्ष कर रहे थे।

अंसारी ने कहा, “वह एक अद्भुत महिला थी। हालांकि वह इतने ऊंचे ओहदे पर थीं, लेकिन उनमें इसका कोई अहम नहीं था। वह बहुत विनम्र और व्यावहारिक थीं। हम आम लोग हैं, मगर वह हमेशा हमें सहज महसूस कराती थीं।”

उन्होंने कहा कि जब भी परिवार ने उनसे मिलने की मांग की, सुषमा स्वराज उनके लिए हमेशा उपलब्ध रहीं।

अंसारी ने कहा, “पिछले साल हामिद की रिहाई के बाद उन्होंने हमें फिर से अपने कार्यालय में बुलाया। उन्होंने हमारा गर्मजोशी से स्वागत किया और बधाई दी। हामिद को गले लगाया और उसे जीवन में बेहतर काम करने की कामना की। सुषमा जी ने भी हामिद से कहा कि भविष्य में किसी भी मदद के लिए उनके दरवाजे उसके लिए हमेशा खुले हैं।”

उनके निधन के बारे में सुनने के बाद अंसारी ने कहा कि वे स्तब्ध हैं। मगर सुषमा जी उनके दिलों में हमेशा के लिए रहेंगी।

इसी के साथ हामिद ने बताया कि सुषमा स्वराज उनके लिए एक मां की तरह थीं। उन्होंने कहा कि उनकी रिहाई के बाद सुषमा ने ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए परामर्श दिया। हामिद ने कहा, “वह हमेशा हमारे दिल में जिंदा रहेंगी।”

संयोग से हामिद फिलहाल अपने पाकिस्तान में बिताए दिन व भारत लौटने तक की कहानी को किताब का रूप देने में लगा हुआ है। यह किताब दिसंबर 2019 तक पूरी होने की उम्मीद है।

एक अन्य मुंबईकर, जिन्हें सुषमा स्वराज का अटूट समर्थन मिला, वह भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव हैं, जो वर्तमान में पाकिस्तान की हिरासत में हैं।

जाधव की फांसी पिछले महीने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय द्वारा रोक दी गई थी। इसमें भी सुषमा का बड़ा योगदान रहा। 

जाधव के पड़ोसियों में से एक पी. एस. मेनन ने कहा, “विदेशी धरती पर संकट में फंसे लोग हमेशा मदद के लिए सुषमा स्वराज की ओर देखते थे। उन्होंने लोगों द्वारा भेजे गए ट्विटर संदेशों पर भी संज्ञान लिया। ऐसा कुछ हमने पहले कभी नहीं देखा था।”

भाजपा की महाराष्ट्र इकाई ने बुधवार सुबह नरीमन प्वाइंट स्थित पार्टी मुख्यालय में सुषमा स्वराज की तस्वीर लगाई। इस दौरान कार्यकतार्ओं और आम जनता ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

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