क्यों बढ़ रहे हैं Gold के दाम, भारत पाक तनाव के बीच इसपर क्या पड़ेगा असर, जानिए

0
117

नई दिल्ली,बेहतर रिटर्न के लिए सही जगह निवेश का होना बहुत जरूरी है। निवेश साधनों में लोगों के बीच गोल्ड को लेकर एक अलग ही आकर्षण रहता है। गोल्ड की खरीद को एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। पिछले कुछ महीनों से गोल्ड की तुलना में अधिकांश परिसंपत्तियां नकारात्मक रिटर्न दे रही थीं वहीं गोल्ड से पॉजिटिव रिटर्न मिल रहा था। मई (2019) के महीने में जहां गोल्ड प्रति ग्राम 2,861 रुपये कम हुआ था वहीं इसमें 5 अगस्त को प्रति ग्राम 3,355.94 रुपये की तेजी देखी गई। इस तरह गोल्ड के दाम में 18 फीसद की बढ़त हुई। अमरीकी डॉलर के लिहाज से मौजूदा समय में गोल्ड अपने छह साल के उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है।

इससे सही मायनों में गोल्ड के डेडिकेटेड फंड पर असर पड़ा है। गोल्ड फंड एक म्युचुअल फंड या ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) है जो मुख्य रूप से गोल्ड बुलियन या गोल्ड-उत्पादक कंपनियों में निवेश करता है। गोल्ड के अधिकांश डेडिकेटेड फंड ने डबल डिजिट में रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में इससे 20 फीसद से ज्यादा का रिटर्न मिला है।

क्यों मिल रहा है इतना रिटर्न, क्या है कारण और कितना होगा टिकाऊ जानिए…

व्यापार युद्ध और भूराजनीतिक तनाव

भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने ऐतिहासिक रूप से गोल्ड की मांग को बढ़ा दिया है। मौजूदा समय में भू-राजनीतिक स्थिति बहुत अस्थिर है। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध और संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष से सोने की कीमतों का समर्थन करने वाली दो प्रमुख चिंताएं हैं। इस स्थिति के कुछ समय तक बने रहने की संभावना है।

सेंट्रल-बैंक ने गोल्ड खरीदना जारी रखा

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WCG) के अनुसार, केंद्रीय बैंकों की दुनिया में 2019 की पहली तिमाही में लगभग 145.5 मीट्रिक टन सोना खरीदा गया है, जो 2013 के बाद सबसे अधिक है। यह दूसरी तिमाही में भी जारी रहा है। इसलिए सोने की मांग आगे भी मजबूत रहने की संभावना है।

मौद्रिक नीति में ढिलाई

दुनिया भर में केंद्रीय-बैंक रणनीति में भारी बदलाव आया है। इससे गोल्ड की कीमतें बढ़ने से निवेशकों की गोल्ड की खरीद बढ़ी है। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.