खाका तैयार /बिहार एंटी राइट बटालियन रेपिड एक्शन फोर्स जैसी होगी, गैस और पेलेट गन मिलेंगे

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पटना. बिहार एंटी रॉयट बटालियन को कश्मीर में पत्थरबाजों के खिलाफ इस्तेमाल किए जा रहे पेलेट गन से लेकर एंटी राइट गैस गन जैसे छह हथियारों से लैस किया जाएगा। दंगों से निपटने के लिए सरकार ने सीआरपीएफ की रैपिड एक्शन फोर्स की तर्ज पर बटालियन का पूरा खाका तैयार कर लिया है।

बीएमपी की महिला सशस्त्र वाहिनी (सासाराम), बीएमपी-6 (मुजफ्फरपुर) और बीएमपी-7 (कटिहार) को विशेषीकृत दंगा निरोधी बटालियन के रूप में विकसित किया जाएगा। बटालियन के जवानों की हर साल तीन हफ्ते की बीएमपी-6 (मुजफ्फरपुर) में ट्रेनिंग होगी। इसकी 1-1 कंपनियां पटना, भागलपुर, छपरा व दरभंगा में रखी जाएंगी। जवानों को 7.62 एमएम 1 ए1 एसएलआर, 9 एमएम पिस्टल, एंटी राइट गैस गन, मल्टी शाॅट गैस गन व पिलेट गन के साथ थ्री-वे ग्रेनेड दिए जाएंगे।

पटना में रखी जाएंगी जिला दंगा निरोधी बल की 2 कंपनियां

हर जिले में मौजूद पुलिस बल का 10% हिस्सा बटालियन की जिला इकाई के रूप में रखा जाएगा। डीएसपी स्तर के अधिकारी प्रभारी होंगे। दंगा निरोधी बल के अफसरों व जवानों का कार्यकाल 4 साल का होगा। उसके बाद जिला सशस्त्र बल में भेज दिया जाएगा। पहले चरण में शिवहर, शेखपुरा, लखीसराय, सुपौल, अरवल, नवगछिया, बगहा, अररिया, बांका, बक्सर, कैमूर, जहानाबाद, रेल पटना, रेल मुजफ्फरपुर, रेल कटिहार और रेल जमालपुर में जिला दंगा निरोधी बल के 1-1 प्लाटून रखे जाएंगे। वहीं पटना में जिला बल की 2 कंपनियां रखी जाएंगी।

इसके अलावा मोतिहारी, बेतिया, सीतामढ़ी, वैशाली, समस्तीपुर, मधुबनी, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, नालंदा, बेगूसराय, नवादा, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद, मुंगेर, सारण, सीवान, गोपालगंज, किशनगंज, जमुई, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और दरभंगा में 1-1 कंपनी रखी जाएगी।

4 स्तर पर विधि-व्यवस्था पर नजर

राज्य में पुलिस के काम को विधि-व्यवस्था और अनुसंधान में अलग-अलग बांटने का खाका तैयार हो गया है। विधि-व्यवस्था पर नजर रखने के लिए क्षेत्रीय आईजी-डीआईजी, एसएसपी-एसपी, एसडीपीओ और अंचल पुलिस निरीक्षक के स्तर पर टीमें तैनात की जाएंगी। पुलिस मुख्यालय में विधि-व्यवस्था 1, 2 और 3 अलग-अलग शाखाएं होंगी।

विधि-व्यवस्था 1 के हिस्से गंगा के उत्तर के जिले, 2 के जिम्मे गंगा के दक्षिण के जिले जबकि 3 का कार्यक्षेत्र पूरा बिहार होगा। विधि-व्यवस्था 1 और 2 के जिम्मे भूमि, सांप्रदायिक व जातीय विवाद, बिजली-सड़क-पानी को लेकर होने वाली घटनाएं, छात्र व किसान-मजदूर आंदोलन रहेंगे। वहीं विधि-व्यवस्था 3 को चुनाव, गणतंत्र व स्वतंत्रता दिवस, होली, दशहरा, रामनवमी, मुहर्रम, बकरीद के साथ ही राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की यात्रा की जिम्मेदारी होगी।

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