हिमाचल बीजेपी अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा- भूमि कानून में नहीं मिलेगी कोई ढील

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शिमला: हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने रविवार को कहा कि सरकार राज्य में भूमि खरीद संबंधी कानून में कोई ढील नहीं देगी. सत्ती ने कांग्रेस पर हिमाचल बचाओ अभियान शुरू करके और इस संबंध में भ्रामक सूचना फैलाकर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश किरायेदारी और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 में पूर्व में पांच बार बदलाव किये. सत्ती ने इसके साथ ही बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत्त की ओर से हाल में दिये गए बयान से पार्टी को अलग कर लिया.

उन्होंने कहा,‘‘बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत्त की ओर से कानून में संशोधन को लेकर हाल में व्यक्त किये गए विचार उनके निजी हैं. समाज के कुछ वर्ग कानून में एक संशोधन की लगातार मांग करते रहते हैं. ऐसा कोई भी निर्णय बीजेपी की ओर से प्रदेश कार्यकारिणी में उचित चर्चा के बाद ही किया जा सकता है.’’

शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की इस मांग पर कि बाहरी व्यक्तियों को राज्य में जमीन खरीदने की इजाजत दी जाए, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हो सकता है कि दोनों नेताओं ने कानून को सावधानीपूर्वक नहीं पढ़ा होगा.

उन्होंने कहा कि राज्य कानून की तुलना जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 से करना गलत है.

उन्होंने कहा कि पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल और हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने मांग करने से पहले हो सकता है कि हिमाचल प्रदेश भूमि कानून को ध्यानपूर्वक नहीं पढ़ा हो. उन्होंने कहा कि कानून की धारा 118 अनुच्छेद 370 से पूरी तरह से अलग है.

राज्य कानून की धारा 118 भूमि का ट्रांसफर गैर किसानों, हिमाचली या गैर हिमाचली को राज्य सरकार की अनुमति के बिना करने से रोकती है. हालांकि, उप खंड 2 (जी) गैर-कृषकों को अनुमति के बिना हिमाचल प्रदेश आवास और शहरी विकास प्राधिकरण से घर बनाने के लिए घर या जमीन खरीदने का अधिकार देता है.

उन्होंने कहा कि कानून जंगल, आदिवासी परंपराओं और छोटे किसानों के हितों की रक्षा के लिए बनाया गया था. उन्होंने कहा कि अधिनियम में एक प्रावधान है जिसके तहत राज्य सरकार से अनुमति मिलने के बाद कोई भी राज्य में जमीन खरीद सकता है.

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