बिहार : अनंत के समर्थन में आए राजद, हम

1
283

पटना, बिहार के मोकामा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक और क्षेत्र में ‘छोटे सरकार’ के नाम से चर्चित अनंत सिंह के नदवां गांव स्थित आवास से पुलिस छापेमारी में एके-47 और दो ग्रेनेड बरामद होने के बाद विधायक के खिलाफ यूएपीए के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने पर बिहार की सियासत गर्म हो गई है। इस बीच अनंत सिंह को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) का साथ मिला है। राजद उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि अनंत सिंह कोई आतंकवादी नहीं हैं, वह विधायक हैं। उन्होंने कहा, “यूएपीए एक्ट 2019 अंग्रेजों के रोलेट एक्ट जैसा है। गांधी ने रोलेट एक्ट का विरोध किया था। अनंत सिंह यूएपीए एक्ट के दायरे में आने वाले आतंकवादी नहीं हैं।”

तिवारी ने कहा कि आज अनंत सिंह अपराधी हो गए, कभी वह जद (यू) के ही विधायक थे। 

जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा, “अनंत सिंह जब तक सरकार और ललन सिंह के साथ रहे तब तक अच्छे थे। 10 साल तक उनके लिए दूध के धुले थे। आज सरकार के साथ नहीं रहने पर उन पर कार्रवाई की जा रही है।”

पप्पू यादव ने कहा कि सत्तापक्ष के लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? उन्होंने दावा किया कि सतापक्ष में बैठे लोगों के पास भी एके-47 हैं। पप्पू यादव ने कहा कि मुंगेर से 500 एके-47 की बिक्री हुई है, जिसमें कई नेताओं के घर में हैं।

उन्होंने अनंत सिंह के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि नेताओं के रिश्तेदार पुलिस अधिकारियों की पोस्टिंग कर विरोधियों को फंसाया जा रहा है, ऐसे में पारदर्शिता की बात करना बेकार है।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी विधायक अनंत सिंह के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि जिस घर से हथियार बरामद हुआ है, उस घर में अंनत सिंह 14 वर्षो तक गए ही नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक को राजनीति का शिकार बनाया गया है। मांझी ने सवालिया लहजे में कहा कि बिहार के कई राजनेताओं, ठेकेदारों के पास एके-47 है, सरकार उनके घर छापेमारी क्यों नहीं कर रही है?

उल्लेखनीय है कि मोकामा से निर्दलीय विधायक अनंत सिंह के नदवां स्थित आवास पर शुक्रवार को छापा मार कर पुलिस ने प्रतिबंधित एके-47 राइफल और दो ग्रेनेड बरामद किए थे। 

इस मामले में बाढ़ थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। 

उल्लेखनीय है कि अनंत सिंह पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी थे। वह जनता दल (यूनाइटेड) से भी विधायक रह चुके हैं। साल 2015 के विधानसभा चुनाव से पहले वह जद (यू) से अलग हो गए थे। इस बार के लोकसभा चुनाव में अनंत सिंह की पत्नी नीलम सिंह मुंगेर संसदीय क्षेत्र से जद (यू) के ललन सिंह के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरी थीं, परंतु उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.