बिहार: विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी NRC को बनना चाहती है बड़ा मुद्दा, बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर करने की कही बात

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पटना: NRC यानी राष्ट्रीय नागरिक पंजी इस वक्त देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. असम में एनआरसी की अंतिम सूची बीते शनिवार को जारी कर दी गई. एनआरसी में शामिल होने के लिए 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन दिया था. इनमें से 3,11,21,004 लोगों को शामिल किया गया है और 19,06,657 लोगों का नाम नहीं आया. जिनका नाम अंतिम सूचि में नहीं आया उनका क्या होगा इसी को लेकर  राजनीतिक दलों में संग्राम जारी है.

इसी बीच असम की तरह अब बिहार में भी NRC की मांग उठने लगी है. दरअसल बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव है और ऐसे में भारतीय जनता पार्टी वहां भी NRC को एक बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश में है. भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में भी NRC की मांग की है. बीजेपी के कई नेताओं का कहना है कि राज्य में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिए रहते हैं.

बीजेपी नेताओं की मांग

बीजेपी के सीनियर लीडर और बिहार सरकार के मंत्री विनोद सिंह ने कहा,” सरकार को बिहार में भी NRC लिस्ट जारी करने के बारे में सोचना चाहिए ताकि सीमांचल क्षेत्र में रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान की जा सके.” वहीं बीजेपी नेता विनोद सिंह के अलावा बीजेपी के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने भी बिहार के सीमांचल में NRC की मांग की है. उन्होंने कहा, ” बिहार के सीमांचल जिलों, विशेषकर कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज में आबादी जिस रफ्तार से बढ़ रही है और जनसंख्या संतुलन जिस तरह से बिगड़ा है वह चिंताजनक है.स्वार्थी राजनीतिज्ञ वोट की लालच में इसे मानने से इनकार कर रहे हैं. बड़ी संख्या में बांग्लादेशी ज़मीन, रोजगार व्यापार पर काबिज है. NRC जरूरी है.”

बता दें कि बिहार के सीमांचल जिसमें कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज जैसे जिले हैं वहां 40 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है. अकेले किशनगंज में 50 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम आबादी रहती है.

सुशील मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना

बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने NRC के मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ” कई राजनीतिक पार्टियां NRC को वोटबैंक के तौर पर देख रही है लेकिन भारतीय जनता पार्टी इसे घुसपैठ और आतंकवाद की वजह के तौर पर देख रही है. बिहार में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बयान से साफ है कि विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी असम की तरफ बिहार में भी NRC को एक बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश में है.

असम में जारी लिस्ट में नहीं है 19 लाख लोगों का नाम

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस माह की शुरुआत में कड़े शब्दों में कहा था कि निश्चित पैमानों के आधार पर एनआरसी की पूरी प्रक्रिया पुन: शुरू नहीं की जा सकती. एनआरसी की अंतिम सूची आज ऑनलाइन जारी की गई. एनआरसी में शामिल होने के लिए 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन दिया था. इनमें से 3,11,21,004 लोगों को शामिल किया गया है और 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया है.

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