बाबरी विध्वंस मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश का कार्यकाल बढ़ा

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नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश एस.के. यादव का कार्यकाल का शुक्रवार को विस्तार किया। इस मामले के आरोपियों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं- लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और अन्य के नाम शमिल हैं। 

ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश एस.यादव को 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होना था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 19 जुलाई को इस मामले में फैसला नौ महीने के अंदर सुनाने का आदेश दिया था। इसलिए न्यायाधीश का कार्यकाल बढ़ा दिया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को न्यायाधीशों आर.एफ. नरीमन और सूर्यकांत को बताया कि उसने शीर्ष अदालत के आदेश का अनुपालन किया है और विशेष न्यायाधीश के कार्यकाल का विस्तार करते हुए एक प्रशासनिक आदेश पारित किया है।

पीठ ने मुकदमे की सुनवाई के लिए विशेष न्यायाधीश यादव के कार्यकाल का विस्तार करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की अधिसूचना पर संतोष व्यक्त किया।

अयोध्या में 16वीं शताब्दी में बनी बाबरी मस्जिद को उन्मादियों की भीड़ ने 6 दिसंबर, 1992 को ध्वस्त कर दिया था। कहा जाता है कि मस्जिद को तोड़े जाने के समय आडवाणी, जोशी और अन्य भाजपा नेता घटनास्थल पर मौजूद थे। 

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