सऊदी अरब में हमले के बाद खाड़ी देशों में पैदा हुआ बड़ा संकट

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नई दिल्ली, यमन के विद्रोही हैती समूह द्वारा सऊदी अरब की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमलों के बाद खाड़ी देशों में एक बड़ा संकट पैदा हो गया है। विद्रोही समूह ने कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भी हमला करने की धमकी दी है। संकट बढ़ने पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने खाड़ी क्षेत्र के साथ ही दुनिया के लिए विनाशकारी परिणामों की चेतावनी दी है। सऊदी अरब में अरामको की दो तेल रिफाइनरी पर हाल ही में हुए हमले की जांच करने के लिए संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों की एक टीम भेजी गई है। सऊदी अरब के साथ ही अमेरिका का आरोप है कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है।

अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही बढ़ रहे तनाव के के बाद इस हमले ने एक बड़े संघर्ष की आशंका पैदा कर दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमला बोलते हुए कहा कि उसके पास फारसी राष्ट्र से निपटने के लिए बहुत सारे विकल्प हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक नए संघर्ष को नहीं चाहता, लेकिन कभी-कभी आपको ऐसा करना पड़ता है।”

उन्होंने सऊदी के तेल क्षेत्र और दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल प्रसंस्करण संयंत्र पर हमले के बाद ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों को बढ़ाने का आदेश दिया है। इस संयत्र पर हमले के बाद कच्चे तेल के उत्पादन में प्रतिदिन 57 लाख बैरल की कमी आई है।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने इस हमले को युद्ध के लिए उकसाने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के पास खुद का बचाव करने का अधिकार है।

उन्होंने यह टिप्पणी बुधवार को सऊदी अरब की यात्रा के दौरान की, जहां उन्होंने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की, जो देश के रक्षा मंत्री भी हैं।

इस हमले के कारण भारत पर भी बड़ा प्रभाव पड़ा है, क्योंकि यहां सऊदी अरब से बड़ी मात्रा में तेल का आयात होता है।

इस बीच हैती समूह ने कथित तौर पर सऊदी अरब के साथ ही यूएई के तेल प्रतिष्ठानों पर भी हमले की चेतावनी दी है, जिसमें कहा गया है कि उनके पास इस देश के अंदर प्रवेश करने में सक्षम ड्रोन हैं।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हैती के एक कमांडर ने कहा है कि सऊदी अरब में हमला यूएई के लिए भी एक संदेश है।

ईरान ने हमले में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार करते हुए चेतावनी दी है कि अगर उसे निशाना बनाया गया तो वह तुरंत जवाबी कार्रवाई करेगा।

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा, “हम इस क्षेत्र में संघर्ष नहीं चाहते हैं।” उन्होंने अमेरिका पर हमला बोलते हुए पूछा, “संघर्ष शुरू किसने किया है?”

अमेरिकी विदेश विभाग ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए अपने नागरिकों को सऊदी अरब की यात्रा के दौरान सावधानी बरतने को कहा है।

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