स्थानीय लोगों से झड़प के बाद पटना यूनिवर्सिटी के पांच हॉस्टल सील, बम और देसी कट्टा बरामद

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पटना: बिहार की राजधानी पटना में आठ ऐसे हॉस्टल हैं जो अब पुलिस और आम आदमी की नजर में हॉस्टल नहीं बल्कि गुंडागर्दी का अड्डा बन गए हैं. इनमें पटना कॉलेज का मिंटो हॉस्टल, जैक्शन हॉस्टल और न्यू इकबाल हॉस्टल का नाम शामिल है. यहां रहने वाले छात्रओं और स्थानीय लोग आपस में भिड़ गए. मामला यहां तक पहुंच गया कि पुलिस ने पटना कॉलेज के पांच हॉस्टल को सील कर दिया है. वहीं साइंस कॉलेज के तीन हॉस्टल को कॉलेज प्रशासन ने बंद कर दिया है.

दरअसल ये मामला 16 सितंबर का है. कथित छेड़खानी को लेकर लालबाग मोहल्ले के लोग और पटना यूनिवर्सिटी के हॉस्टल के छात्र भिड़ गए. घटना करीब 9:30 बजे रात की है जब लाठी-डंडे से लैस पटना यूनिवर्सिटी छात्रावास के सभी छात्र सड़क पर नजर आएं. प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो सभी छात्र राहगीरों और सड़क पर चलने वाली गाड़ियों को निशाना बना रहे थे और उन पर पत्थर बरसाए जा रहे थे. इस पत्थरबाजी में मोहम्मद शौकत नाम का एक शख्स घायल हो गाए. स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल ले जाने के क्रम में शौकत की मौत हो गई. इस मौत की खबर लालबाग मोहल्ले में फैल गई.

इसके बाद मोहल्ले के सारे लोग सड़क पर उतर आए और छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच मारपीट शुरू हो गई. पूरा अशोक राजपथ इस घटना के बाद रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. सूचना मिलने के बाद प्रशासन भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रित किया गया.
इस मामले के बाद पटना कॉलेज कैम्पस के पांच हॉस्टल सील किए गए तो वहीं साइंस कॉलेज ने भी अपने तीनों हॉस्टल बंद कर दिए हैं. कैंपस में सन्नाटा छाया हुआ है. साथ ही सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. इस तरह की कार्रवाई पहली बार की गई है. 43 छत्रों को नामजद किया गया है और 28 को जेल भेजा गया है. इसमें 200 अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है.

इस मामले में तीन मुकदमें दर्ज जिए गए हैं. एक मुकदमा शौकत के चचेरे भाई आलमगंज निवासी मोहम्मद रिजवान के बयान पर दर्ज किया गया है. इसमें तीन हॉस्टल के 43 छात्रों को नामजद किया गया है. इसमें से 28 छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. 200 अज्ञात लोगों पर भी पीरबहोर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है.

लालबाग और आसपास के इलाके में तनाव व्याप्त है. इसको लेकर पुलिस मुस्तैद है. इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है. वरीय अधिकारी हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. इलाके में लोग इस बात को लेकर गुस्से में हैं कि पुलिस छात्रों को नियंत्रित नहीं कर सकी. उनका कहना है कि पुलिस अगर वक्त पर आ जाती तो शौकत की जान बच जाती.

घटना के बाद पुलिस ने जैक्सन हॉस्टल परिसर से एक देसी पिस्टल, दो देसी कट्टा, तीन अर्द्धनिर्मित बम, शराब की कुछ खाली बोतलों के अलावा लाठी, डण्डा, हॉकी स्टिक और रॉड आदि बरामद किया गया. एक केस हॉस्टल के छात्र साकेत कुमार के बयान पर 150 अज्ञात लोगों पर दर्ज किया गया है. इस मामले में साकेत को भी जेल भेजा गया है. दूसरी तरफ पटना डीएम ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए हॉस्टल में रहने वाले बाहरी छात्रों की सूची विश्वविद्यालय के कुलसचिव और कुलपति से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है.

हॉस्टल वार्डन प्रोफेसर रणधीर कुमार सिंह का कहना है कि इस मामले में पुलिस द्वारा शुरू से ही अगर सख्ती से काम लिया जाता तो ये घटनाएं नही घटती. उनका कहना है कि पटना कॉलेज ने पीरबहोर थाने में सैकड़ों एफआईआर किए होंगे इसके बावजूद भी इस तरह की घटनाएं होती हैं. उधर पटना सिटी एसपी डी अमरकेश ने कहा कि स्थानीय पुलिस द्वारा इसे रोकने का भरपूर प्रयास किया गया लेकिन आक्रोशित लोगों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि वो उनसे नहीं संभला. लेकिन मिलने पर तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति नियंत्रण में की गई.

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