अंतरराष्‍ट्रीय बैठकों से बाहर निकला ये मुद्दा, सोशल मीडिया का हिस्‍सा बना ग्‍लोबल वार्मिंग

0
44

वॉशिंगटन, एजेंसी। अब ग्‍लोबल वार्मिंग केवल अंतरराष्‍ट्रीय बैठकों का ही हिस्‍सा नहीं रहा। इसे लेकर दुनिया सजग हो चुकी है। अब यह ग्‍लोबल चिंता का विषय बन चुकी है। यही कारण है कि शुक्रवार को दुनिया के 139 मुल्‍कों में ग्‍लोबल वार्मिंग को लेकर जो प्रतिक्रिया देखने को मिली उसने सबको चौंका दिया। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा छाया रहा। दुनियाभर के नेताओं ने इसे तुरंत रोकने की मांग की। अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने अपने ट्विटर हैंडल में जब इस विषय पर लिखा तो मानों लोगों का बहाना मिल गया हो। ट्विटर पर एक बहस छिड़ गई। 

ट्विटर पर छाया रहा मुद्दा, ओबामा के प्रशसंको ने पूछा सवाल

शुक्रवार को दुनिया के 139 मुल्‍कों में ग्‍लोबल वार्मिंग को लेकर जो प्रतिक्रिया देखने को मिली, उसने सबको चौंका दिया। उन्‍हाेंने कहा कि युवाओं के लिए ग्‍लोबल वार्मिंग आज की सबसे बड़ी चुनोती है। पूर्व राष्‍ट्रपति ने कहा कि दुनियाभर में लाखों युवा जिस तरह से ग्‍लोबल वार्मिंग अभियान का हिस्‍सा बन रहे हैं, यह शुभ संकेत है। उन्‍होंने कहा कि इस धरा को बचाने के लिए अब एक एक्‍श्‍न प्‍लान की जरूरत है। ट्विटर पर वह अपने प्रशंसकों के सवालों का जवाब भी दे रहे थे। वह अपने फैंस और समर्थकों  की सभी जिज्ञासाओं को शांत कर रहे थे। 

दुनियाभर में 4836 रैलियां, सजग हुए छात्र

ग्‍लोबल वार्मिंग के खिलाफ दुनियाभर में 4836 बड़ी रैलियां हुईं। अमेरिका के न्यूयॉर्क से लेकर ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न, जापान के टोक्यो और नई दिल्ली में स्कूली बच्चे क्लास छोड़कर ग्लोबल क्लाइमेट स्ट्राइक में शामिल हुए। अकेले न्यूयॉर्क में 11 लाख बच्चों ने क्लास छोड़ दी। मेलबर्न में एक लाख छात्र शामिल हुए। इसके अलावा फेसबुक, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, ट्विटर आदि ने इसमें बढ़चढ़ कर हिस्‍सा लिया। अकेले अमेजन के 1500 से अधिक कर्मचारी प्रदर्शन में शामि हुए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.