मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती के खिलाफ ED की चार्जशीट पर सुनवाई आज

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नई दिल्ली: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में आज लालू यादव की बेटी मीसा भारती और उनके पति शैलेश के खिलाफ ईडी द्वारा दायर की गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर सुनवाई होगी. अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के लिए आज की तारीख तय की थी. ईडी द्वारा दायर की गई चार्जशीट में 35 नए आरोपी बनाए गए हैं जिनमें से 15 व्यक्ति और 20 कंपनियां शामिल हैं.

इन 15 लोगों में आठ चार्टर्ड अकाउंटेंट है. चार्जशीट में 8000 करोड़ रुपए के शेयरों की लेनदेन की भी बात कही गयी है. मीसा भारती और उनके पति शैलेश समेत सभी आरोपियों के ऊपर मुखौटा कंपनी बनाकर करोड़ों रुपए के धन शोधन का आरोप है. मीसा भारती और उनके पति शैलेश पर आरोप है कि इस पूरे लेनदेन के दौरान उनको भी एक बड़ी रकम मिली थी.

इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 2017 20 मार्च को जैन बंधुओं को गिरफ्तार किया था. इस मामले में ईडी ने मई में पहला आरोप-पत्र दायर किया था, जिसके बाद 22 मई को अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया. अग्रवाल पर भारती के पति की कंपनी, मिशैल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड की गलत तरीके से मदद के भी आरोप हैं. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने भारती से पूछताछ की थी और दिल्ली में उनके और पति से संबंधित तीन ठिकानों पर छापे मारे थे.

ईडी के आरोप-पत्र के अनुसार, जैन बंधुओं का काम नकदी को ठिकाने लगाने, लेनदेन के तरीके तलाशने और अंत में शोधित धन को एक जगह जुटाकर उसे बैंकिंग व्यवस्था में वैध शेयर प्रीमियम लेनेदेन के रूप में दिखाकर काले धन को सफेद करना था.

ईडी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया था. उसने कथित रूप से मध्यस्थता की थी और जैन बंधुओं को अग्रिम भुगतान के तौर पर 90 लाख रुपये नकद मुहैया कराए थे, ताकि शेयर प्रीमियम के तौर पर मेसर्स मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर प्रा. लिमिटेड में निवेश किया जा सके. मीसा भारती और उनके पति इस कंपनी में पहले कथित रूप से निदेशक थे.

ईडी ने आरोप लगाया कि जैन बंधु, अग्रवाल और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी के प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती और उनके दामाद 1.2 करोड़ रुपये का धन शोधन करने में मुख्य रूप से शामिल रहे.

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