यूपी में मुसीबत बनी बारिश: 14 लोगों की मौत, बलिया में पटरी धंसने से यातायात ठप

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में पिछले कुछ दिन से जारी मूसलाधार बारिश ने मुसीबत का रुप ले लिया है. वर्षा की वजह से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बलिया और बांसडीह रोड रेलवे स्टेशन के बीच पिलर नंबर 611, रघुनाथपुर गांव के पास भारी बारिश के कारण रेल पटरी के नीचे की मिट्टि बह जाने से रेल ट्रैक धंस गया है. जिसके कारण बलिया – छपरा रेलखंड पर कई ट्रेनों को डाइवर्ट तो कई ट्रेनों को शार्ट टर्मिनेट और कुछ ट्रेनों का कैंसिल कर दिया गया है.

लिहाजा बलिया और छपरा रेलखंड पर परिचालन बन्द कर दिया गया है. रात में कई ट्रेनें धंसी पटरी पर होकर गुजर गईं मगर संयोग ही है कि वहां पर पहले से ही कॉशन था इस कारण ट्रेनें धीरे धीरे गुजरी और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. मौके पर ट्रैक मरम्मत कार्य जारी है.

पिछले 24 घंटे में प्रदेश के विभिन्न जिलों में वर्षाजनित हादसों में 14 लोगों की मौत

पिछले 24 घंटे में प्रदेश के विभिन्न जिलों में वर्षाजनित हादसों में 14 लोगों की मौत हुई है. राहत आयुक्त कार्यालय से प्राप्त सूचना के मुताबिक प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश के कारण दीवार गिरने, मकान ढहने और बिजली गिरने से 14 लोगों की मौत हुई है. गाजीपुर में तीन, अम्बेडकर नगर में दो तथा आजमगढ़, मिर्जापुर, जौनपुर, बलिया, फतेहपुर, अयोध्या, रायबरेली, चंदौली और कौशाम्बी में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है.

रूक-रूक कर बरस रहे हैं बादल

बंगाल की खाड़ी से आ रही पूर्वा हवा की वजह से जगह-जगह घिरे बादल पिछले कई दिन से रूक-रूक कर बरस रहे हैं. इसकी वजह से जनजीवन प्रभावित हो गया है.

बलिया में रविवार तड़के सवा चार बजे भारी बारिश के कारण छपरा-बलिया रेल खंड पर बलिया और बांसडीह रेलवे स्टेशन के बीच मिट्टी धंसने पटरी धंस गयी और यहां यातायात पूरी तरह ठप हो गया.

दक्षिण-पश्चिमी मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय

आंचलिक मौसम केन्द्र ने बताया कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय है. विशेषकर पूर्वी इलाकों में यह खासा तेज है. पिछले 24 घंटे में प्रदेश में अनेक स्थानों पर वर्षा हुई. कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हुई.

इस बीच सरयू नदी पर बने भिखारीपुर-सकरौर तटबंध के टूटने का खतरा मंडराने लगा है. बच्चीपुर माझा के पास स्पर नम्बर दो और तीन खतरनाक स्थिति में पहुंच गये हैं. इसके साथ ही तटबंध के किलोमीटर 13.600 पर कई बड़े गड्ढे तथा रेनकट के कारण स्थिति नाजुक बनी हुई है. कई स्थानों पर तटबंध पर निर्मित सड़क और बांध की पटरी धंस गई है, जिससे गाड़ियों का आना-जाना मुश्किल हो गया है.

इसके साथ ही निश्चिंत पुरवा व मदरही के सामने किमी नौ और 10 के बीच घाघरा नदी धीरे-धीरे कटान करते हुए बांध से मात्र 20 मीटर दूरी पर आ गई है. पिछले वर्ष भी यह तटबंध टूट जाने की वजह से कई गांवों में बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई थी.

इस अवधि में ज्ञानपुर में सबसे ज्यादा 21 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गयी. इसके अलावा लालगंज में 18, हंडिया और चुनार में 17—17, करछना और वाराणसी में 15—15, राजघाट में 14, फूलपुर तथा इलाहाबाद में 13—13, मिर्जापुर, आजमगढ़ में 12—12, मोहम्मदाबाद, बलिया तथा जौनपुर में 11—11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. राज्य में कुछ स्थानों पर वर्षा होने का अनुमान है.

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