लाल बहादुर शास्त्री जयंती: पीएम बनने के बाद कार खरीदने के लिए लेना पड़ा था बैंक से लोन, जानिए पूरी कहानी

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लाल बहादुर शास्त्री जयंती:  2 अक्टूबर का दिन भारत के लिए राष्ट्रीय गौरव का दिन है. आज ही के दिन देश की दो बड़ी शख्सियतों का जन्मदिन है. आज जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती है तो वहीं जय जवान जय किसान का नारा देने वाले लोकप्रिय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की भी जयंती आज ही है. आज ही के दिन साल 1904 में उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में उनका जन्म हुआ था. बाद में वह आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने. नेहरू के निधन के बाद प्रधानमंत्री पद की दौड़ में लाल बहादुर शास्त्री और मोरारजी देसाई का नाम सबसे आगे था, लेकिन शात्री प्रधानमंत्री बने. उनके जिंदगी के कई किस्से प्रचलित है. ऐसा ही एक किस्सा है उनके कार से जुड़ा हुआ है. दरअसल उन्होंने कभी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से कार खरीदने के लिए लोन लिया था. बाद में उनकी पत्नी ने वह लोन चुकाया था.

आज उनकी जयंती पर आइए जानते हैं क्या है वह दिलचस्प कहानी ?

यह किस्सा उस वक्त का है जब वह देश के प्रधानमंत्री बन गए थे. उस वक्त उनके पास कोई कार नहीं थी. ऐसे में परिवार के सदस्यों ने उन्हें कार खरीदने का आग्रह किया. बहुत सोच-विचार करने के बाद उन्होंने अपने सचिव को बुलाया और फिएट कार की कीमत पता करने के लिए कहा. सचिव ने कार की कीमत 12000 रुपए बताई.

कार की कीमत 12 हजार थी लेकिन उस वक्त शास्त्री के पास केवल 7 हजार रुपये ही थे. कार खरीदने के लिए उन्होंने उस वक्त पांच हजार रुपये पंजाब नेशनल बेंक से लोन लिया था. लोन लेने के दौरान एक और दिलचस्प वाकया हुआ. लाल बहादुर शास्त्री को लोन बैंक से पास करवाने में सिर्फ आधे घंटे लगे. लाल बहादुर शास्त्री ने तुरंत कहा कि देश के लोगों को भी लोन लेने में इतना ही समय लगना चाहिए.

नहीं लौटा पाए थे लोन

11 जनवरी 1966 को उज्बेकिस्तान के ताशकंत में जब शास्त्री जी का निधन हुआ उस वक्त तक पंजाब नेशनल बैंक का लोन वह नही चुका पाए थे. इसके बाद बैंक ने उनकी पत्नी ललिता शास्त्री को लोन को लेकर खत लिखा, जिसके बाद ललिता शास्त्री ने अपने पेंशन में पैसे कटाकर उस कार का लोन चुकाया था.

लाल बहादुर शास्त्री का परिवार

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 मुगलसराय में हुआ था. उन्होंने काशी विद्यापीठ से अपनी पढ़ाई पूरी की. 1928 में उनका विवाह ललिता से हुआ. उनके कुल 6 बच्चे हुए. दो बेटियां-कुसुम और सुमन. चार बेटे-हरिकृष्ण, अनिल, सुनील और अशोक. उनके दो बेटों का निधन हो चुका है. अनिल शास्त्री और सुनील शास्त्री अपनी राजनीति में सक्रिय हैं. अनिल शास्त्री कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं और सुनील शास्त्री बीजेपी में हैं. उनके नाती आदर्श शास्त्री आम आदमी पार्टी के नेता है.

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