हरियाणा: बीजेपी ने जारी की 12 उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट, मंत्री राव नरबीर और विपुल गोयल का नाम गायब

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नई दिल्ली: हरियाणा के दो मंत्रियों की कसरत काम नहीं आई. पहली लिस्ट से नाम गायब होने के बाद हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल और मंत्री राव नरबीर ने टिकट पाने की जुगत में पिछले दो दिन से दिल्ली के हर बड़े नेता के दरवाजे पर दस्तक दी. लेकिन पार्टी से उन्हें मायूसी हाथ लगी. सूत्रों की मानें तो इन दोनों मंत्रियों के काम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर काफी नाराज थे. जिसके चलते खट्टर ने केंद्रीय चुनाव समिति के सामने अपना वीटो लगाते हुए इन दोनों की जगह नए चेहरे को तरजीह दी.

बता दें कि हरियाणा की बादशाहपुर विधानसभा से विधायक और मंत्री राव नरबीर पिछले दो दिन से लगातार बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे थे. उनको उम्मीद थी कि शायद पार्टी उन्हें रेवाड़ी से टिकट दे देगी. बुधवार दोपहर राव नरबीर ने हरियाणा चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात भी की. करीब एक घंटे तक वो तोमर के आवास पर रहे. जबकि विपुल गोयल ने डॉ अनिल जैन जो कि हरियाणा के प्रभारी महासचिव हैं के अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की थी. मंगलवार शाम अंबेडकर इंटरनेशनल में आयोजित हुए संघ के कार्यक्रम में भी विपुल गोयल नजर आए थे. उन्होंने संघ के पदाधिकारियों से भी टिकट को लेकर मुलाकात की थी.

माना जा रहा था कि टिकट न बदलने की स्थिति में गोयल को पलवल से भी चुनाव लड़ाया जा सकता था. उन्होंने लड़ने की इच्छा भी व्यक्त की थी. राव नरबीर को रेवाड़ी और विपुल गोयल को करण दलाल के सामने पलवल सीट से चुनाव मैदान में उतारा जा सकता था. लेकिन रात 9 बजे तक चली अमित शाह की बैठक में यह निर्णय नहीं हो सका. बीजेपी की देर रात जारी हुई लिस्ट में हरियाणा के 12 उम्मीदवारों के नाम शामिल थे लेकिन दोनों मंत्रियों को लिस्ट में जगह नहीं दी गई.

इन लोगों को मिला मौका

नारायणगढ़ से सुरेंदर राणा, पानीपत से प्रमोद विज, पलवल से दीपक मंगला, गन्नौर से श्रीमती निर्मल चौधरी, खरखौदा से श्रीमती मीना नरवाल, फतेहाबाद से डूडाराम बिश्नोई, आदमपुर से श्रीमती सोनाली फोगाट, तोशाम से शशि रंजन परमार, मेहम से शमशेर खरकादा, कोसली से लक्ष्मण यादव, रेवाड़ी से सुनील मूसेपुर, गुड़गांव से सुनील सिंगला को टिकट मिला.

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