वैज्ञानिकों ने खोया महाद्वीप ढूंढा, उत्तरी अफ्रीका से अलग होकर 14 करोड़ साल पहले भूमध्य सागर में डूब गया था

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वॉशिंगटन. शोधकर्ताओं ने भूमध्य सागर में एक छिपे एक महाद्वीप की खोज की है, लेकिन यह अटलांटिस (एक अन्य खोया शहर, जिसकी खोज जारी है) नहीं है। ग्रीनलैंड के आकार के इस महादेश का नाम ग्रेटर एड्रिया है, जो उत्तरी अफ्रीका से अलग होकर करीब 14 करोड़ साल पहले भूमध्य सागर में डूब गया था। गोंडवाना रिसर्च जर्नल में इस महीने छपी रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

उट्रेख्त विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डेव वान हिंसबर्गेन ने कहा कि इस द्वीप के बारे में बिना जाने ही हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां छुट्‌टी मनाने आते हैं। जांच में हमने पाया कि यहां की अधिकांश पर्वत शृंखलाएं एकल महाद्वीप से उत्पन्न हुई थीं। ये पर्वत शृंखलाएं 20 करोड़ साल पहले उत्तरी अफ्रीका से अलग हुई थीं।

इस महाद्वीप पर एक मात्र बचा हुआ भाग एक स्ट्रिप (पट्टी) है, जो इटली के ट्यूरिन शहर से होते हुए एड्रियाटिक सागर तक जाती है। इस क्षेत्र को भूवैज्ञानिकों द्वारा एड्रिया कहा जाता है। इसलिए शोधकर्ताओं ने इसे ग्रेटर एड्रिया नाम दिया है।

भूमध्यसागरीय क्षेत्र में भूवैज्ञानिकों की प्लेट टेक्टोनिक्स को लेकर अलग समझ है। प्लेट टेक्टोनिक्स वह सिद्धांत है, जिससे यह पता चलता है कि महासागरों, महाद्वीपों और पृथ्वी के अन्य हिस्सों का निर्माण कैसे होता है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, ग्रेटर एड्रिया का अधिकांश भाग पानी के अंदर था। साथ ही छिछले समुद्र, प्रवाल भित्तियों और तलछटों से ढंका हुआ था। इन तलछटों की चट्टानें बनीं। धीरे-धीरे ये चट्टानें पर्वत शृंखला में बदल गईं। इनसे ही आल्प्स, एपिनेन्स, बाल्कन, ग्रीस और तुर्की के पर्वतों का निर्माण हुआ।

इससे पहले जनवरी 2017 में शोधकर्ताओं ने सुपरकॉन्टिनेंट गोंडवाना से अलग हुए एक महाद्वीप की खोज की घोषणा की थी। वहीं, जनवरी 2017 में दूसरे शोधकर्ताओं ने दक्षिण प्रशांत महासागर में ड्रिलिंग के द्वारा जीलैंडिया के खोए महाद्वीप का पता लगाया था।

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