RBI ने घटाई GDP वृद्धि दर, चालू वित्त वर्ष में अनुमान घटाकर 6.1 प्रतिशत किया

0
134

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर अनुमान घटाकर 6.1 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले 6.9 प्रतिशत था. इसके अलावा आरबीआई ने दूसरी तिमाही के लिए खुदरा मुद्रास्फीति दर के अनुमान को मामूली संशोधन के साथ 3.4 प्रतिशत कर दिया. जबकि दूसरी छमाही के लिए मुद्रास्फीति अनुमान को 3.5 प्रतिशत से 3.7 प्रतिशत पर बरकरार रखा.

देश का बैंकिंग तंत्र मजबूत, घबराने की जरूरत नहीं- RBI गवर्नर

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 5 प्रतिशत पर आ गई है जो इसका छह साल का निचला स्तर है. आरबीआई गवर्नर शशीकांत दास ने कहा है कि सरकार के करों में कटौती के बाद राजकोषीय लक्ष्य हासिल करने की उसकी प्रतिबद्धता को लेकर संदेह करने की कोई वजह नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि देश का बैंकिंग तंत्र मजबूत और स्थिर है. घबराने की कोई जरूरत नहीं है.

रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती

बता दें कि आरबीआई ने कमजोर पड़ती आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने के लिए प्रमुख नीतिगत दर रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की और कटौती कर दी. इस कटौती के बाद रेपो रेट 5.15 प्रतिशत रह गई. रेपो रेट में इस साल में यह लगातार पांचवीं कटौती की गई है. इस कटौती से बैंकों का कर्ज और सस्ता होने की उम्मीद बढ़ी है. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर कमजोर पड़कर पांच प्रतिशत रह गई. यह पिछले छह साल का निचला स्तर है.

गौरतलब है कि देश-दुनिया में लगातार कमजोर पड़ती आर्थिक वृद्धि की चिंता करते हुये रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कटौती पर जोर दे रहा है ताकि ग्राहकों को बैंकों से सस्ता कर्ज मिले और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आए.

क्या होता है रेपो रेट?

रेपो रेट वह दर होती है जिस पर रिजर्व बैंक दूसरे वाणिज्यक बैंकों को उनकी फौरी जरूरतों के लिये नकदी उपलब्ध कराता है. इस नकदी की लागत कम होने से बैंकों को सस्ता धन उपलब्ध होता है जिसे वह आगे अपने ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं. रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की इस कटौती सहित इस साल रिजर्व बैंक रेपो रेट में कुल मिलाकर 1.35 प्रतिशत की कटौती कर चुका है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.