मुंबई: आरे में पेड़ कटने के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, शिवसेना ने साधा बीजेपी पर निशाना

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महाराष्ट्र: मुंबई के आरे कॉलोनी में पेड़ काटने का मामला गर्मा गया है. बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा आरे कॉलोनी को जंगल घोषित करने की सभी याचिकाओं को खारिज करने के बाद आज दिन से ही यहां पेड़ काटने का सिलसिला शुरू हो गया. अब इसको लेकर शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार पर हमला बोला है.

आदित्य ठाकरे ने कहा,”जलवायु परिवर्तन पर केंद्र सरकार के मंत्रालय का कोई मतलब नहीं है. मुंबई मेट्रो के निर्माण के साथ प्लास्टिक प्रदूषण के बारे में बात करना है संवेदनहीनता है. आरे के आसपास के क्षेत्र में पर्यावरण को तबाह किया जा रहा है. अहंकार की लड़ाई इसे बनाने के उद्देश्य को नष्ट कर रही है.” आदित्य ठाकरे ने आगे कहा, ” मुबई मैट्रो उन सभी चीजों को खत्म कर रहा है जिसकी बात भारत ने यूएन में की थी.”

बता दें कि इससे पहले भी आदित्य ठाकरे ने मैट्रो कार शेड के लिए आरे की जंगल को काटने की बात पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. आदित्य ठाकरे ने कहा था कि आरे कॉलोनी को नहीं तोड़ा जाना चाहिए. यह मामला आदित्य बनाम सीएम का नहीं है. यह मामला बीजेपी बनाम शिवसेना का भी नहीं है. यह मामला मुंबई बनाम एनवायरमेंट का है.”

बता दें कि हाई कोर्ट द्वारा याचिकाओं को खारिज करने के बाद शुक्रवार को ही आरे के जंगल को काटने का काम शुरू हो गया. इसका जमकर विरोध हो रहा है. प्रदर्शनकारी मैट्रो रेल साइट पर पहुंच कर जमकर नारेबाजी कर रहे हैं. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिन 2600 से अधिक पेड़ों को काटा जाना है, उनमें से 200 पेड़ शुक्रवार को काट डाले गये. सोशल मीडिया पर पेड़ों को काटने का वीडियो वायरल हो गया लेकिन मुंबई मेट्रो रेल निगम के अधिकारियों से अब तक इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है कि वाकई नियोजित मेट्रो कार शेड के लिए पेड़ों की कटाई शुरू हो गयी है.

मैट्रो कार शेड के लिए आरे की जंगल को काटने का विरोध बॉलीवुड में भी जमकर हो रहा है. बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर, फिल्मकार ओनिर समेत कई बड़ी हस्तियों ने भी ट्विटर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. ट्विटर पर सभी #SaveAareyForest के साथ ट्वीट कर रहे हैं.

क्या है पूरा मामला

दरअसल मुंबई के आरे क्षेत्र में एक मेट्रो कार शेड बनना है. इस मेट्रो कार शेड को बनाने में लगभग 2700 पेड़ काटे जाने है. इसी बात का पर्यावरणविद और स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि इससे पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ेगा.

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