कांग्रेस जमीनी लड़ाई पर रखती है यकीन : अजय कुमार

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अपना खोया जनाधार वापस लाने को बेताब है। कुशीगर जिले के तमकुही से दो बार विधायक रहे अजय कुमार लल्लू प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। प्रियंका गांधी के करीबियों में शुमार लल्लू अब संगठन को मजबूत कर सत्ता के शिखर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।

लल्लू ने आईएएनएस से खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ट्विटर पर नहीं, बल्कि जमीन की लड़ाई पर यकीन रखती है। नई कमेटी घोषित होने के बाद पुराने और बुजुर्ग नेताओं की नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सभी लोग एक विचारधारा के साथ जुड़े हैं। किसी को कोई नाराजगी नहीं है। सभी एक छत के नीचे रहने वाले लोग हैं। सबमें सामंजस्य है। मन भिन्नता हो सकती है, लेकिन कोई नाराज नहीं है। सभी पार्टी को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। किसी ने कोई इस्तीफा नहीं दिया है, यह इसे पुष्ट कर रहा है। 

बकौल लल्लू, “सोनभद्र उभ्भा की घटना के बाद कांग्रेस के आंदोलन से सरकार की चूल्हें हिल गई थीं। प्रियंका के नेतृत्व में कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन किया। हमें चुनार के किले में बंद करवाया गया। यह धरातल की लड़ाई थी। उन्नाव कांड, चिन्मयानंद कांड और गांधी जयंती पर प्रियंका की पदयात्रा पर 50 हजार कार्यकर्ता सड़कों पर थे। इन सब आंदोलनों के अलावा बहुत सारे लोग हमसे उत्साही ढंग से आंदोलित हुए। कांग्रेस ने आम आदमी का ध्यान खींचा है। इस जमीन पर लड़ाई को हम आगे बढ़ाएंगे।”

उन्होंने कहा, “जनता ने हम पर भरोसा किया है। कांग्रेस अपने दम पर सत्तापक्ष की नीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। सरकार की विफलता, गन्ना किसान की समस्या, बदहाल कानून-व्यवस्था, गिरती अर्थव्यवस्था और उप्र सरकार के घमंड के खिलाफ हम जनता के बीच जा रहे हैं। जनता के साथ जुड़ रहे हैं। उन्हीं से गठबंधन कर रहे हैं। हम खोये विश्वास और जनाधार को पाने का प्रयास कर रहे हैं।”

एक सवाल के जवाब में लल्लू ने कहा कि वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस अकेले लड़ेगी। कांग्रेस का समझौता जनता से हो रहा है, किसी दल से नहीं।

उन्होंने कहा, “मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता को सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ने पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी है। प्रदेश कार्यकारिणी में ऐसे लोग लाए गए हैं, जिनका आंदोलन में इतिहास रहा है।”

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “पार्टी में अभी तक जो संवादहीनता रही है, उसे हम दूर करने का प्रयास करेंगे। रचनात्मक, संरचनात्मक और आंदोलनात्मक ढंग से एक-एक कार्यकर्ता तक पहुंचेंगे। जनभागीदारी के माध्यम से हम बड़ा जन आंदोलन खड़ा करेंगे।” 

उन्होंने कहा कि अन्य दलों से भाजपा के लड़ने का सोशल मीडिया और संगठन का हथियार काफी मजबूत है, लेकिन यह सब हवा-हवाई साबित होगा। वजह यह कि हिंसा, नफरत और भ्रम फैलाकर कुछ दिन राज किया जा सकता है, बहुत दिनों तक नहीं। सत्य परेशान हो सकता है, हार नहीं सकता। अंत में जीत न्याय व अहिंसा की होगी। गांधी जी के विचारों को आगे ले जाने वाली कांग्रेस को वर्ष 2022 में जरूर जीत मिलेगी।

सोनिया, राहुल और प्रियंका के बीच में फंसी कांग्रेस को निकालने की बात पर उन्होंने कहा कि यह मीडिया का मापदंड है। तीनों लोग एकजुट हैं। पूरी पार्टी एकजुट है। सभी साथ बैठकर निर्णय लेते हैं।

लल्लू ने कहा, “अनुशासनहीनता से कोई समझौता नहीं होगा। हरचंदपुर विधायक राकेश सिंह के खिलाफ सात माह पहले याचिका डाली जा चुकी है। निर्णय विधानसभा अध्यक्ष को लेना है। सरकार के दबाव में निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। अदिति सिंह को भी नोटिस दिया गया है। जवाब अभी नहीं मिला है। संगठन के कार्य से मैं लगातार बाहर दौरे पर हूं। विधानसभा में पता कराता हूं कि क्या हुआ?”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत सभी छोटे बड़े नेता अनुशासन की डोर से बंधे हैं। पार्टी लाइन तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं है। 

भाजपा सरकार के बीते ढाई सालों के लेखा-जोखा के बारे में अजय कुमार ने कहा, “भाजपा पूरी तरह फेल है। बेरोजगार नवयुवकों के साथ अत्याचार कर रही है। संविदा कार्मचारियों को परेशान कर रही है। 25 हजार होमगार्डो को निकाल शायद दिवाली का तोहफा दिया है। सारी भर्तियां कोर्ट में लंबित हैं। कानून-व्यवस्था बची ही नहीं है। प्रदेश आज अराजकता की भेंट चढ़ चुका है। अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है। कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन कर सरकार की पोल खोलेगी।”

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