मध्य प्रदेश उपचुनाव में मिली हार के साइड इफेक्ट, बीजेपी में कलह शुरू

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भोपाल: मध्यप्रदेश की झाबुआ सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को भारी मतों से हराया है. इस हार के बाद अब बीजेपी के खेमे में इसके साइट इफेक्ट भी देखने को मिल रहे हैं. बीजेपी के सीधी से विधायक केदार शुक्ला ने झाबुआ की हार के लिये प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को जिम्मेदार बताया और उन्हें बदलने की मांग कर दी.

केदार शुक्ला बीजेपी के वरिष्ठ विधायक हैं. अचानक उनके इस तरह से राकेश सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने की वजह लोग तलाशने लगे हैं. दोपहर में केदार शुक्ला का बयान आते ही रात में आनन फानन में बीजेपी ने पत्रकार वार्ता बुलाकर केदार शुक्ला की बात को अनुशासनहीनता मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया.

पत्रकारों को संबोधित करते हुए बीजेपी के महामंत्री और सांसद वीडी शर्मा ने ये बात जोर देकर कही कि झाबुआ का चुनाव और उससे जुड़े सारे फैसले नेतृत्व ने मिलकर लिये. इसलिये इसके लिये पार्टी अध्यक्ष को ही जिम्मेदारी ठहराना ठीक नहीं है. इस पर राकेश सिंह ने इतना ही कहा कि हमें मालूम था कि उस तरफ से ऐसी प्रतिक्रिया आयेगी और इस मामले को अब आलाकमान ही देखेगा. उधर केदार शुक्ला के बयान के बाद बीजेपी के वरिप्ठ नेता रघुनंदन शर्मा सामने आ गये. उन्होंने ये कह दिया कि जीत का श्रेय जब सीनियर नेता लेते हैं तो हार का श्रेय लेने से क्यों डरते हैं.

झाबुआ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया को 96155 वोट मिले. वहीं बीजेपी के भानू भूरिया को 68351 वोट मिले. कांग्रेस ने बीजेपी को इस सीट पर 24804 वोटों के अंतर से हराया. कांतिलाल भूरिया को 55.79 फीसदी वोट मिले हैं. भानू भूरिया के खाते में 39.66 फीसदी वोट आए. कांग्रेस ये सीट जीतकर 230 विधायकों वाली विधानसभा में 115 के आंकड़ें पर पहुंच गई है. हालांकि ये संख्या बहुमत से एक कम है लेकिन चार निर्दलीय विधायकों के दम पर कमलनाथ सरकार और स्थायी हो गई है.

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