Dhanteras 2019: धनतेरस के दिन इन चीजों को खरीदना होता है शुभ, ये सामान लेने से बचें

0
16

नई दिल्ली: देशभर में आज धनतेरस का पर्व मनाया जा रहा है. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाए जाने वाले इस पर्व के दिन कुछ न कुछ खरीदने का विधान है. ऐसे में लोग खरीदारी को लेकर असमंजस में भी रहते हैं. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि धनतेरस के दिन क्या खरीदना शुभ रहता है और किन चीजों को आज खरीदने से बचना चाहिए.

बता दें कि धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस दिन जो भी सामान खरीदा जाता है वह जल्दी खराब नहीं होता है. कथाओं के अनुसार आज के दिन खरीदारी करने से धन में 13 गुना की वृद्धि होती है. धनतेरस के दिन से ही दिवाली की भी शुरुआत हो जाती है.

इन चीजों को खरीदें

धनतेसर के दिन सोने और चांदी के आभूषण लोग खूब खरीदते हैं. लेकिन जरूरी नहीं कि आज के दिन इसे ही खरीदा जाए. अपने बजट के अनुसार आप धातु का कोई भी सामान खरीद सकते हैं. आज के दिन पीतल के बर्तन, स्टील और एल्युमिनियम के बर्तन भी खरीद सकते हैं. भगवान की छोटी मूर्तियां भी खरीदना शुभ रहता है.

धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने को शुभ माना जाता है. इसके साथ ही घर की जरूरत के सामानों को खरीदना भी आज के दिन बेहतर रहता है. टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मिक्सर ग्राइंडर, गीजर, ओवन जैसी जरूरत की चीजें भी धनतेरस के दिन ले सकते हैं. वाहनों की खरीदारी भी आज के दिन शुभ मानी जाती है.

इन सामानों को खरीदने से बचें

धनतेरस के दिन काले रंग की चीजों को खरीदने से बचें. साथ ही कांच की चीजें अगर हो सके तो आज लेने से बचना चाहिए. आज के दिन लोग धारदार चीजें लेने से भी बचते हैं.

धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त

शाम 7 बजकर 10 मिनट से 8 बजकर 15 मिनट तक

प्रदोष काल-5 बजकर 42 मिनट से 8 बजकर 15 मिनट तक

वृषभ काल-6 बजकर 51 मिनट से 8 बजकर 47 मिनट तक

धनतेरस की पूजा का आसान तरीका

धनतेरस की शाम को तिल के तेल से आटे या पीतल का दीप जलाएं. शाम की पूजा में सबसे पहले गणेशजी की पूजा करें और इसके बाद गणेशजी की पूजा करें. लक्ष्मीजी की पूजा करने के बाद भगवान धन्वंतरि और यमराज जी की पूजा करें. पूजा के बाद दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके यमराज को जल दें. पूजा के बाद अनाज का दान करें. आपको बता दें कि धनतेरस के दिन गणेशजी की स्थापना करने विशेष लाभ होता है.

ऐसे बरसेगी माता लक्ष्मी की कृपा

धनतेरस पर साफ-सफाई का खासा महत्व है. मान्यता है कि जहां स्वच्छता है वहीं माता लक्ष्मी का रहती हैं. उपायों के तौर पर पूजा घर में सुगंध फैलाने के लिए इत्र का इस्तेमाल करें. धनतेरस के सूर्योदय से लेकर भाई दूज की रात तक रोजाना 11 मालाएं ‘ओम लक्ष्मये नम:’ का जाप करें. जाप की माला कमलगट्टे की होनी चाहिए. जप करते समय किसी प्रकार का कोई और कार्य ना करें. अष्टमी के दिन घर पर 8 साल से कम की कन्या को भोजन कराएं और कन्या को उपहार दें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.