अनुच्छेद 370 / ईयू सांसद कश्मीर के हालात से संतुष्ट, भारत में विपक्ष के सवालों पर कहा- हम नाजीवादी होते तो जनता नहीं चुनती

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नई दिल्ली. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यूरोपियन यूनियन (ईयू) के 23 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल कश्मीर के दो दिन के दौरे पर है। बुधवार को सांसदों ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। एक सांसद ने कहा कि हम यहां राजनीति करने नहीं आए हैं। आतंकवाद से पीड़ित रहे कश्मीर की स्थिति देखने आए हैं। यहां लोग विकास और अच्छे अस्पताल चाहते हैं। कुछ लोग हमें नाजीवादी बता रहे हैं, लेकिन अगर हम ऐसे होते तो जनता हमें नहीं चुनती। इससे पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि ईयू के सांसदों को यूनियन ने नहीं भेजा है, ये लोग नाजीवादी हैं।

  • एक सांसद ने कहा, ”पहले भी कई बार भारत आ चुका हूं। कश्मीर को लेकर कई तरह से दुष्प्रचार किया जा रहा है, जो सही नहीं है। हमें यहां राजनीति से कोई लेना-देना नहीं। हम सिर्फ तथ्य जानने के लिए आए हैं। यहां सामान्य जीवन पटरी पर लाने के लिए किस प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं, यही जानना चाहते हैं।”
  • ”कश्मीर के लोगों ने बताया कि वे भारतीय हैं और वे विकास के लिए हर संभव सरकार की मदद करना चाहते हैं। कश्मीर के नागरिक अच्छे अस्पताल और नौकरी चाहते हैं। हम अगर नाजीवादी होते तो जनता हमें नहीं चुनती। मैं पाकिस्तान और सीरिया भी जा चुका हूं। आतंकी सिर्फ अपनी लड़ाई लड़ते हैं। अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई चल रही है।”

‘कश्मीर में भ्रष्टाचार, केंद्र से भेजा पैसा लोगों को नहीं मिलता’

  • दूसरे सांसद ने कहा, ”कल आतंकियों ने जिन मजदूरों को मारा, उनके परिवार के प्रति संवेदना जताता हूं। यूरोप में हम एक-दूसरे के खिलाफ कई सालों से लड़ते रहे, लेकिन अब हमने शांति से रहना सीख लिया है। यूरोप और भारत के बीच काफी मजबूत रिश्ते हैं। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहा है। हम यहां यही स्थिति जानने आए हैं। हमने लोगों से बात की। कश्मीर के लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार से बड़ा फंड आता है, लेकिन वह नागरिकों तक नहीं पहुंच पाता। यहां बहुत भ्रष्टाचार है।”
  • ”हम यहां कश्मीर को लेकर जो सोच बन रही है, उसे जानने आए हैं। आतंकवाद सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि हमारी और विश्वभर की समस्या है। हम भारत के साथ हैं। भारत यूरोप के कई देशों से बड़ा है। हम चाहते हैं कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए, इसमें हम उसके साथ बराबरी से खड़े हैं। हम कश्मीर की स्थिति जानने आए हैं। हम नाजीवादी नहीं हैं। हम हिटलर समर्थक नहीं हैं। हम उम्मीद करते हैं कि यूरोप को कश्मीर और भारत के बारे में हमारे द्वारा सही जानकारी मिल पाएगी।”

‘कश्मीर में सुधार के प्रयास बेहतर, लोगों से यहां घूमने को कहेंगे’

ब्रिटेन के सांसद ने कहा कि 370 भारत का आंतरिक मामला है। इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। हमने पहले भी भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश की। यहां हमने कई लोगों से बात की। विकास के लिए अच्छा काम हो रहा है। भारत में प्रेस की आजादी अच्छी बात है। हमें लोगों ने अपनी आजादी से चुना है। हम नाजी नहीं हैं। अन्य सांसद ने कहा कि कश्मीर में सुधार के लिए सरकार जो कदम उठा रही है, वे ठीक हैं। हम यूरोप जाकर इन्हें बताएंगे। प्रतिनिधिमंडल में 8 देशों के सांसद हैं। हम यूरोप के लोगों से कश्मीर घूमने की बात कहेंगे। हमें भारत का समर्थन करना चाहिए। पाकिस्तान और वहां के अल्पसंख्यकों की स्थिति को भी यूरोप जाकर बताएंगे।

ईयू सांसदों ने डल झील में शिकारे से सैर की, लोगों से मिले

ईयू के 27 सांसदों को कश्मीर जाना था, लेकिन मंगलवार को 4 दिल्ली से वापस लौट गए। बताया जाता है कि इन चारों ने बिना सुरक्षा स्थानीय लोगों से मुलाकात की मांग की थी, जिसे सरकार ने नहीं माना। सांसदों ने पहले दिन श्रीनगर में पंच-सरपंचों, छात्र-छात्राओं, महिलाओं, व्‍यापारियों और फल उत्‍पादकों से मुलाकात की। उन्होंने डल झील में शिकारे से सैर की। सेना के कमांडरों ने उन्हें कश्मीर की स्थिति की जानकारी दी। मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम और डीजीपी ने भी सांसदों को राज्य के हालात का ब्यौरा दिया। ईयू सांसदों ने सोमवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। 

हमारे पास छिपाने को कुछ नहीं, सिर्फ दिखाने को है: भाजपा
भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कांग्रेस के विरोध पर कहा, ‘‘जब अनुच्छेद-370 हटा था, तब शांति-व्यवस्था के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए गए थे। हालात सामान्य होते ही सब रोक हटा ली गई। अब हमारे पास कुछ छिपाने को नहीं, सिर्फ दिखाने को है। कश्मीर जाना है तो कांग्रेस के नेता भी फ्लाइट पकड़कर जा सकते हैं। गुलमर्ग जाएं, अनंतनाग जाएं, सैर करें, घूमें-टहलें। उन्हें किसने रोका है? देशी-विदेशी सभी पर्यटकों के लिए कश्मीर को खोल दिया गया है। ऐसे में विदेशी सांसदों के दौरे को लेकर सवाल उठाने का कोई मतलब नहीं।’’

‘यूरोपीय सांसदों के लिए सरकार लाल कालीन बिछा रही’
इससे पहले राहुल गांधी ने ट्वीट किया था कि भारतीय सांसदों की कश्मीर यात्रा पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया और श्रीनगर से वापस भेज दिया गया। वहीं यूरोपीय सांसदों के लिए सरकार लाल कालीन बिछा रही है। इससे पहले कांग्रेस आनंद शर्मा ने एक बयान में कहा कि यूरोपीय सांसद कश्मीर जा रहे हैं। उन्हें पूरी जानकारी से अवगत कराया जा रहा है। ये भारतीय संसद की संप्रभुता के खिलाफ है और भारतीय सांसदों के विशेष अधिकारों का हनन है।

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