क्या हिंदुत्व वाला ‘बंधन’ टूटेगा : अब शिवसेना किसानों के लिए राहत की मांग की है

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मुंबई: चुनाव के नतीजे आए हुए 8 दिन हो गए महराष्ट्र में अब तक सरकार नहीं बनी है. बीजेपी से सीएम पद पर तनातनी के बीच कल शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने शरद पवार से मुलाकात की. इसके बाद कहा गया है कि शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस की मदद से अपना मुख्यमंत्री बना सकती है लेकिन इस वक्त सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर ये कि महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस जल्दबाजी में नहीं है. एनसीपी जो फैसला लेगी कांग्रेस उसके साथ रहेगी. महाराष्ट्र में कांग्रेस की प्रदेश इकाई चाहती है कि अगर बीजेपी शिवसेना में बात नहीं बनती है तो कांग्रेस को बाहर से समर्थन देना चाहिए. हालांकि पार्टी यह भी मानती है इस पूरे प्रकरण का लाभ शिवसेना बीजेपी पर दबाव बनाने के लिए भी कर रही है.

उधर आज महाराष्ट्र में नयी सरकार के गठन को लेकर गठबंधन सहयोगी बीजेपी के साथ जारी गतिरोध के बीच शिवसेना ने शुक्रवार को मांग की कि राज्य के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत दी जाए. शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा गया है कि जिन किसानों की फसल खराब हुई है उन्हें बिना किसी शर्त के पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए. संपादकीय में कहा गया है, ‘राज्य के किसानों को नयी सरकार का नहीं बल्कि तत्काल सहायता का इंतजार है.’

इसमें कहा गया कि सालों से किसान सूखे से परेशान थे, अब बारिश से परेशान है क्योंकि मानसून खत्म हुए एक पखवाड़ा हो गया है लेकिन पानी बरसना बंद ही नहीं हो रहा. बीते एक महीने से बारिश जारी रहने के कारण किसानों की सारी उपज खराब हो गई.

इसमें बीजेपी पर निशाना साधा गया, ‘किसानों के साथ खड़े होने के बजाए सारे प्रयास सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाने पर केंद्रित हैं. जनादेश मिलने के बावजूद अब तक नयी सरकार का गठन नहीं हुआ.’ संपादकीय में हालांकि बीजेपी का नाम नहीं लिया गया. इसमें कहा गया है कि बेमौसम बारिश से जिन किसानों की फसल बरबाद हुई है उनके लिए सहायता की मांग को लेकर शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की थी.

शिवसेना के नेता और वर्ली से विधायक आदित्य ठाकरे भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे. अखबार में लिखा है ,‘सत्ता की राजनीति की तुलना में शिवसेना किसानों को बचाने में ज्यादा विश्वास करती है.’ हाल में हुए विधानसभा चुनावों 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 105 सीटें मिलीं जबकि शिवसेना के खाते में 56 सीटें आई हैं. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी राज्य में ढाई साल के लिये मुख्यमंत्री पद और 50:50 के अनुपात में मंत्रालयों का बंटवारा चाहती है. बीजेपी ने ये दोनों ही मांगे खारिज कर दी हैं और उसका कहना है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस अगले पांच सालों तक मुख्यमंत्री के पद पर बने रहेंगे.

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